हरदोई: सामूहिक विवाह में उपहारों के साथ खेल, उठे सैकड़ों सवाल और ब्लैक लिस्ट हुई फर्म..

9 किलो वजन के सापेक्ष करीब साढ़े तीन किलो कम वजन के डिनर सेट व साड़ी लगभग 1 मीटर कम लंबाई की दे दी गयी। इतना ही नहीं, संस्था द्वारा दिये गए अन्य उपहारों की गुणवत्ता...

Nov 16, 2024 - 21:15
Nov 18, 2024 - 01:10
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हरदोई: सामूहिक विवाह में उपहारों के साथ खेल, उठे सैकड़ों सवाल और ब्लैक लिस्ट हुई फर्म..

मुख्य बिंदु:

  • कार्यदायी संस्था ने नवयुगलों को दी जाने वाली उपहार सामग्री में कर दिया बड़ा खेल
  • डीएम ने आदेश पर एफआईआर दर्ज, संस्था को ब्लैकलिस्ट किया गया, जमानत राशि भी जब्त

By विजय लक्ष्मी सिंह

INA News Desk Hardoi

हरदोई जिले में बीते 14 नवंबर को शहर के आईटीआई परिसर में आयोजित हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में नव वर वधू को दिए जाने वाले उपहारों के साथ उत्तरदायी संस्था ने बड़ा खेल कर दिया। नवदम्पत्तियों को दी जाने वाली उपहार सामग्री में बड़े स्तर पर हुई धांधलेबाजी पर सैकड़ों सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर, जिला प्रशासन की नाक के नीचे इतना बड़ा हेरफेर कैसे हो गया? ज्ञात हो कि जिला समाज कल्याण विभाग ने करीब 20 दिन पहले ही हाथरस की कार्यदायी संस्था गायत्री फ़ूड एंड प्राइवेट लिमिटेड को उपहारों की व्यवस्था का भी टेंडर दिया था।

जिसमें हर युगल को एक जोड़ी चांदी की पायल, बर्तन सेट, दो जोड़ी चांदी की बिछिया, कुकर, दीवार घड़ी, ट्राली बैग, कंबल व वस्त्र सहित कुल मिलाकर करीब 10 हजार रुपये के उपहार देने थे लेकिन संस्था ने घपला करते हुए वर वधुओं को 'रस्ते का माल, सस्ते में' दे दिया। जानकारी मिली कि 9 किलो वजन के सापेक्ष करीब साढ़े तीन किलो कम वजन के डिनर सेट व साड़ी लगभग 1 मीटर कम लंबाई की दे दी गयी। इतना ही नहीं, संस्था द्वारा दिये गए अन्य उपहारों की गुणवत्ता भी मनकविहीन बताई गई है। इसकी भनक जब डीएम मंगला प्रसाद सिंह को हुई तो उन्होंने जांच कराने पर पता चला कि संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए सैम्पल और वास्तविक उपहारों में जमीन आसमान का फर्क है।

जिसके बाद नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने संस्था के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने व उसे ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दे दिए। इतना ही नहीं, डीएम ने संस्था को चेतावनी देते हुए करीब 5 लाख 70 हजार रु. की राशि जब्त करते हुए 2 दिनों में करीब 65 लाख 60 हजार रू. कीमत की उपहार सामग्री वापस ले जाने का फरमान सुना दिया। पता यह भी चला कि इस धांधलेबाजी को सभी की नजर से बचाने के लिए संस्था ने यह उपहार सामग्री 14 नवंबर को कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व 13 नवंबर की देर शाम भेजी थी लेकिन जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते उसकी पोल खुल गयी और संस्था को मुंह की खानी पड़ी।

कार्यदायी संस्था की जमानत जब्त

उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत ने बताया कि संस्था को चेतावनी देते हुए करीब 6 लाख 70 हजार रू. की राशि सरकार के पक्ष में जब्त की गई है और उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री को वापस ले जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बिना उपहार मायूस लौट गए नवदंपत्ति

कार्यदायी संस्था द्वारा सामूहिक विवाह में किये गए इस बड़े खेल की पोल खुल जाने के बाद नवयुवलों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा। उन्हें जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा उपहार की जगह पर इस आश्वासन देकर बेरंग लौटा देना पड़ा कि जल्द से जल्द उनके उपहारों को घर-घर पहुंचाया जाएगा। 

कांग्रेसियों ने कसा तंज

इस मामले की पोल खुलने के बाद हरदोई कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष आशीष सिंह ने इसको लेकर सरकार और जिला प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की इस महत्वकांक्षी योजना में भी सेंध लग गयी। यह खेल अधिकारियों की निगरानी में किया गया है। उन्होंने कहा कि यह 'बेटी का ब्याह कराओ और कमीशन खाओ' योजना है।

11 नवंबर तक ही भेजनी थी उपहार सामग्री

डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा उपहार सामग्री के भेजे गए सैम्पल के अनुसार ही इसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना था और इसकी आपूर्ति 11 नवंबर तक करनी थी लेकिन संस्था ने गुणवत्ताहीन उपहार सामग्री को 13 नवंबर की देर रात भेजा।

उपहार के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार सामग्री प्राप्त करने के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डीएम ने भी आश्वासन दिया है कि अगले 10 दिनों के भीतर उपहार सामग्री पहुंचा दी जाएगी

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