Hardoi : बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला का मुख्य फोकस बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के महत्व पर था। कुमार ने अपने संबोधन में बाल अधिकारों की चार मूलभूत श्रेणियों
हरदोई : केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) के निर्देशों पर, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हरदोई में चल रहे प्रशिक्षण एवं विकास सप्ताह के दूसरे दिन एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के बारे में जागरूक करना था। इस सत्र में संसाधक आदेश कुमार ने शिक्षकों का ज्ञान वर्धन किया।
कार्यशाला का मुख्य फोकस बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के महत्व पर था। कुमार ने अपने संबोधन में बाल अधिकारों की चार मूलभूत श्रेणियों जीवन (Right to Life), विकास (Right to Development), संरक्षण (Right to Protection), और भागीदारी (Right to Participation) पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये अधिकार प्रत्येक बच्चे की गरिमा, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए क्यों आवश्यक हैं।
सत्र के दौरान, उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम, 2012 (POCSO Act, 2012) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों को इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अनिवार्य कानूनी जिम्मेदारियों के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या शोषण की स्थिति में तत्काल और सही तरीके से रिपोर्टिंग करना कितना महत्वपूर्ण है।
इस महत्वपूर्ण विषय की संवेदनशीलता को दर्शाने के लिए, सत्र के दौरान "कोमल" नामक एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस फिल्म ने बाल दुर्व्यवहार के भावनात्मक और शारीरिक प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया, जिससे सभी प्रतिभागियों को इस समस्या की गंभीरता का एहसास हुआ।
कार्यशाला के समापन पर, विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद राशिद ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और सकारात्मक वातावरण बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालय की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि हर बच्चे को बिना किसी डर के बढ़ने और सीखने का अवसर मिल सके।
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