Hardoi: किशोरी का पीछा करने के आरोप में ग्रामीणों ने दो युवकों की पिटाई कर सिर मुंडवाया, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पांच को हिरासत में लिया। 

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलग्राम तहसील के माधवगंज

By INA News Desk
Nov 22, 2025 - 12:24
73 Views
Hardoi: किशोरी का पीछा करने के आरोप में ग्रामीणों ने दो युवकों की पिटाई कर सिर मुंडवाया, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पांच को हिरासत में लिया। 
किशोरी का पीछा करने के आरोप में ग्रामीणों ने दो युवकों की पिटाई कर सिर मुंडवाया, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पांच को हिरासत में लिया। 
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलग्राम तहसील के माधवगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 नवंबर 2025 को दो युवकों पर स्थानीय किशोरी का पीछा करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। गुस्से में आकर उन्होंने दोनों की जमकर पिटाई की, उनके सिर जबरन मुंडवा दिए और सिर पर चौराहा जैसा निशान बनाकर गांव में घुमाया। पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल पर बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवकों को घसीटकर लाया गया, लाठियों से पीटा गया और बाल काटने के बाद अपमानित किया गया। इस घटना ने न केवल पीड़ितों के परिवारों को दुखी किया, बल्कि पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। पुलिस ने वीडियो वायरल होने के चार दिन बाद कार्रवाई शुरू की और पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

घटना उस शाम घटी, जब दो युवक बाइक पर गांव के रास्ते से गुजर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे गांव की एक नाबालिग लड़की का पीछा कर रहे थे। लड़की के परिवार वालों को शक हुआ, तो उन्होंने शोर मचा दिया। जल्द ही दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीण इकट्ठे हो गए। उन्होंने युवकों की बाइक रोक ली और उन्हें उतार लिया। पहले तो गाली-गलौज हुई, फिर मुक्कों और लाठियों से पिटाई शुरू हो गई। एक युवक ने बचाव में हाथ जोड़े, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और एक ने दाढ़ी का कर्ता निकालकर उनके सिर के बाल काटने शुरू कर दिए। बाल कटते ही सिर पर चौराहा जैसा निशान बनाया गया, जो अपमान का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद दोनों को गांव की सड़क पर घुमाया गया, ताकि सबको दिखे। पीड़ित युवकों के चेहरे पर दर्द और डर साफ झलक रहा था। वीडियो में एक ग्रामीण चिल्ला रहा है, ये रोमियो हैं, इन्हें सबक सिखाओ। यह दृश्य देखकर कोई भी इंसान सिहर उठे।

पीड़ित युवक हरदोई जिले के पड़ोसी क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनका नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन वे बताया गया कि वे रोजगार के सिलसिले में गांव के पास आए थे। एक युवक ने पुलिस को शिकायत में कहा कि हम लड़की को जानते भी नहीं, बस रास्ता पूछने रुके थे। लेकिन ग्रामीणों ने बिना सुने कार्रवाई कर दी। पिटाई इतनी बेरहम थी कि दोनों को चोटें आईं। सिर मुंडवाने के बाद उनके कपड़े फाड़ दिए गए और जूतों से ठोका गया। गांव के बुजुर्गों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन दबंगों ने उन्हें धमकाया। घटना के बाद दोनों युवक किसी तरह भागे और अपने घर पहुंचे। परिवार ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि हम डर गए थे, लेकिन वीडियो वायरल होने पर हिम्मत मिली। एक महिला ने रोते हुए कहा, मेरे बेटे ने कुछ गलत नहीं किया, फिर भी इसे इतना अपमानित किया।

वीडियो सोशल मीडिया पर 20 नवंबर को अपलोड हुआ, तो देखते ही देखते लाखों बार देखा गया। ट्विटर पर हैशटैग हरदोई वायरल वीडियो ट्रेंड करने लगा। लोग कमेंट्स में लिख रहे थे, कानून हाथ में लेना बंद करो, पुलिस क्या करती है। कुछ ने ग्रामीणों की कार्रवाई को सही ठहराया, लेकिन ज्यादातर ने निंदा की। वायरल होने के बाद हरदोई के एसपी ने संज्ञान लिया। उन्होंने बिलग्राम कोतवाली को निर्देश दिए कि तत्काल जांच हो। पुलिस टीम गांव पहुंची और पांच मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आरोपी ग्रामीणों में से कुछ दबंग परिवारों से हैं, जो इलाके में दादागिरी के लिए कुख्यात हैं। एसपी ने कहा कि मामला गंभीर है, पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। अगर चोटें गंभीर पाई गईं, तो सख्त धाराओं में केस दर्ज होगा। फिलहाल, भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 352 और 351 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें मारपीट, शांति भंग और धमकी शामिल है।

यह घटना हरदोई जिले के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गई है। जिला गंगा नदी के किनारे बसा है और यहां ग्रामीण इलाकों में जातिगत और पारिवारिक रंजिशें आम हैं। लेकिन सिर मुंडवाना और पिटाई जैसी अमानवीय हरकतें दुर्लभ हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया ने ऐसी घटनाओं को उजागर तो किया, लेकिन रोकने में अभी कमी है। स्थानीय पंचायत ने बैठक बुलाई, जिसमें ग्रामीणों को समझाया गया कि कानून सबका है। लड़की के परिवार ने कहा कि हमारी बेटी सुरक्षित रहे, इसके लिए हमने किया, लेकिन अब पछता रहे हैं। एक ग्रामीण ने बताया कि युवक बाइक पर तेज भाग रहे थे और लड़की डर गई थी। लेकिन गलती हुई, हमें पुलिस को सौंपना चाहिए था। जिला प्रशासन ने गांव में शांति समिति गठित की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।

इस मामले ने महिलाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ छेड़छाड़ के खिलाफ सख्ती जरूरी है, दूसरी तरफ कानून हाथ में लेना अपराध। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश में छेड़छाड़ के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्यादातर गांवों में पुलिस पहुंचने में देरी होती है। इसलिए लोग खुद कार्रवाई करते हैं। लेकिन इससे निर्दोष भी पीड़ित हो जाते हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि गांवों में महिला हेल्पलाइन और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जाए कि खतरे के संकेत पहचानें। हरदोई के जिलाधिकारी ने कहा कि हम फास्ट ट्रैक जांच करेंगे और पीड़ितों को न्याय देंगे। साथ ही, ग्रामीणों को कानूनी जागरूकता शिविर लगाएंगे।

पीड़ित युवकों का परिवार अब डरा हुआ है। वे कहते हैं कि गांव वालों से बदला न लें, बस न्याय चाहिए। एक युवक ने कहा, हमारा अपमान हुआ, लेकिन जीवन चलाना है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा का भरोसा दिया है। वीडियो में दिखने वाली क्रूरता ने सोशल मीडिया यूजर्स को झकझोर दिया। एक पोस्ट में लिखा, यह जंगलराज है, सरकार सो रही है। लेकिन कुछ ने कहा, ग्रामीणों ने सही किया, रोमियो को सबक मिलना चाहिए। विवादास्पद बहस चल रही है। हरदोई पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि मामला संज्ञान में है, कार्रवाई जारी है। उन्होंने वीडियो शेयर करने वालों से अपील की कि फेक न्यूज न फैलाएं।

यह घटना याद दिलाती है कि समाज में बदलाव जरूरी है। छेड़छाड़ रोकने के लिए शिक्षा और कानून का पालन दोनों महत्वपूर्ण हैं। अगर ग्रामीण पुलिस पर भरोसा करें, तो ऐसी घटनाएं कम होंगी। फिलहाल, गांव में शांति है, लेकिन तनाव बरकरार है। आरोपी हिरासत में हैं, पूछताछ चल रही है। अगर और लोग शामिल निकले, तो उन्हें भी पकड़ा जाएगा। पीड़ितों को मुआवजा देने की बात हो रही है। यह मामला कोर्ट में जाएगा, जहां फैसला होगा। उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और भविष्य में कोई न दोहराए। हरदोई जैसे जिलों में विकास हो रहा है, लेकिन सामाजिक सद्भाव बनाए रखना चुनौती है। ऐसी घटनाएं समाज को पीछे धकेलती हैं। सभी को सोचना चाहिए कि कानून ही एकमात्र रास्ता है।

Also Read-सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर को लेकर अभद्र टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया, समाजवादी पार्टी की छवि पर उठे सवाल

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement