Lucknow : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण की तिथियां बढ़ाई गईं, अब इस तारीख तक किये जा सकेंगे दावे और आपत्तियां

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों की 27 जनवरी 2026 की बैठक में समय बढ़ाने की मांग हुई थी। बड़ी संख्या में फॉर्म आने के कारण यह फैसला लिया गया। 27 अ

Feb 6, 2026 - 22:43
 0  14
Lucknow : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण की तिथियां बढ़ाई गईं, अब इस तारीख तक किये जा सकेंगे दावे और आपत्तियां
Lucknow : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण की तिथियां बढ़ाई गईं, अब इस तारीख तक किये जा सकेंगे दावे और आपत्तियां

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की तिथियों में संशोधन कर नई तिथियां जारी की हैं। प्रदेश में 27 अक्टूबर 2025 से यह अभियान शुरू हुआ था। घर-घर गणना 4 नवंबर 2025 से चली और 6 जनवरी 2026 को आलेख्य मतदाता सूची प्रकाशित हुई। पहले 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां जमा करने का समय था। अब दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि 6 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। नोटिस की सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निस्तारण 27 मार्च 2026 तक होगा। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों की 27 जनवरी 2026 की बैठक में समय बढ़ाने की मांग हुई थी। बड़ी संख्या में फॉर्म आने के कारण यह फैसला लिया गया। 27 अक्टूबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक 16 लाख 18 हजार से ज्यादा फॉर्म 6 और 49 हजार 399 फॉर्म 7 मिले थे। 6 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक 37 लाख 80 हजार फॉर्म 6 और 82 हजार 684 फॉर्म 7 प्राप्त हुए। ओवरसीज मतदाताओं के 1073 आवेदन आए। 5 फरवरी 2026 को एक दिन में 3 लाख 51 हजार 745 फॉर्म 6 मिले, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है। फॉर्म 6 की गति अभी भी बढ़ रही है।

आलेख्य सूची में नाम होने के बावजूद 1 करोड़ 4 लाख मतदाताओं की 2003 की अंतिम सूची से मैपिंग नहीं हुई थी। 2 करोड़ 22 लाख में तार्किक विसंगतियां थीं। कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने थे। अब तक 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जारी हो चुके हैं, जिनमें से 86 लाख 27 हजार बीएलओ द्वारा पहुंचाए गए। 30 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई हो चुकी है। अभियान शुरू में 403 ईआरओ और 2042 एईआरओ थे। अब 6948 अतिरिक्त एईआरओ नियुक्त कर कुल 8990 एईआरओ और 403 ईआरओ सहित 9393 अधिकारी काम कर रहे हैं। सुनवाई तेज करने के लिए और एईआरओ नियुक्त किए जाएंगे।

फॉर्म 7 के बारे में बताया कि यह नाम हटाने या आपत्ति के लिए भरा जाता है। आपत्तिकर्ता को अपना नाम, वोटर आईडी, आपत्ति का कारण बताना होता है। बल्क में फॉर्म 7 नहीं लिए जाते। राजनीतिक दलों के बीएलए एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म 7 जमा कर सकते हैं और अंडरटेकिंग देते हैं। फॉर्म 7 पर ईआरओ दोनों पक्षों को नोटिस भेजता है, सुनवाई के बाद साक्ष्य देखकर निर्णय लेता है। किसी पात्र मतदाता का नाम बिना जांच के नहीं काटा जाएगा।

सभी मतदाता आलेख्य सूची भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर देख सकते हैं। राजनीतिक दलों के बीएलए को भी सूची दी गई है। मतदान केंद्रों पर मतदाता सहायता केंद्र बनाए गए हैं। बीएलओ हर कार्य दिवस सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। उनके पास 2003 की अंतिम सूची, आलेख्य सूची, एएसडीडीआर सूची और फॉर्म 6, 7, 8 की प्रतियां होंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पात्र नागरिकों, खासकर महिलाओं और युवाओं से नाम जुड़वाने की अपील की। फॉर्म 6 भरते समय नाम की स्पेलिंग हिंदी-अंग्रेजी में सही, आधार से मेल, पूरा पता और मोबाइल नंबर देना जरूरी है ताकि वोटर आईडी आसानी से डाउनलोड हो सके।

You May Read : Hathras : हाथरस में दिनदहाड़े सेना जवान की गोली मारकर हत्या, एसपी ने 5 टीमों का गठन किया

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow