Lucknow : रिकॉर्ड रबी उत्पादन लक्ष्य की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश, 500 लाख मी०टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित

कृषि विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए, प्रमुख निवेश के रूप में बीज की उपलब्धता को विगत वर्ष 2024-25 के 7.86 लाख कुं० से बढ़ाकर वर्तमान रबी मौस

Dec 9, 2025 - 23:25
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Lucknow : रिकॉर्ड रबी उत्पादन लक्ष्य की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश, 500 लाख मी०टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित
Lucknow : रिकॉर्ड रबी उत्पादन लक्ष्य की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश, 500 लाख मी०टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित

  • दलहन एवं तिलहन उत्पादन प्रोत्साहन हेतु 301 करोड़ रुपए का अनुदान, अब तक का सर्वाधिक 11.12 लाख कुं० बीज का वितरण

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कृषि विभाग, राज्य के किसानों की आय और उत्पादन में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय रूप से प्रयासरत है। वर्तमान रबी मौसम 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 138.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों के आच्छादन द्वारा लगभग 500 लाख मी०टन रिकॉर्ड उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जो विगत वर्ष के उत्पादन लक्ष्य से 21 लाख मी०टन अधिक है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कृषि विभाग द्वारा उन्नत बीजों के वितरण और अनुदान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

कृषि विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए, प्रमुख निवेश के रूप में बीज की उपलब्धता को विगत वर्ष 2024-25 के 7.86 लाख कुं० से बढ़ाकर वर्तमान रबी मौसम 2025-26 में 11.12 लाख कुं० का वितरण कराया गया है। विशेष रूप से, दलहन और तिलहन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु लगभग 24 करोड़ रुपए की धनराशि से लगभग 6.30 लाख किसानों को 23,160 कुं० बीज मिनीकिट का निःशुल्क वितरण किया गया।

गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, राई/सरसों एवं अलसी फसलों के लिए 10.89 लाख कुं० अनुदानित बीज पीओएस मशीन के माध्यम से 50% की सीमा तक एट सोर्स अनुदान पर वितरित किया गया, जिस पर लगभग 277 करोड़ रुपए के अनुदान का लाभ किसानों तक पहुँचाया गया। यह वितरण और अनुदान राशि दोनों ही विगत वर्ष के सापेक्ष क्रमशः 3.26 लाख कुं० और 86 करोड़ रुपए अधिक है। कृषि विभाग द्वारा रबी मौसम में 11.12 लाख कुं० बीज का वितरण और 301 करोड़ रुपए का अनुदान अब तक का सर्वाधिक है।

प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि रबी का रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त करने के लिए न केवल गेहूं के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हो, बल्कि दलहन एवं तिलहन के उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि की जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके अतिरिक्त, दलहन और तिलहन के रिकॉर्ड उत्पादन से जनमानस के भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि होगी, साथ ही दाल और तिलहन के आयात में व्यय होने वाली बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत भी की जा सकती है।

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