लखनऊ-हरदोई फोर-लेन परियोजना- जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, 31.730 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर हो रहा है काम
जिलाधिकारी विशाख जी. ने निरीक्षण की शुरुआत किसान पथ अंडरपास, काकोरी रोड से की और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि इस
लखनऊ : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की लखनऊ-हरदोई रोड को फोर-लेन में परिवर्तित करने वाली निर्माणाधीन परियोजना की प्रगति का निरीक्षण 29 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी विशाख जी. ने किया। इस परियोजना की कुल लागत 280.72 करोड़ रुपये है और यह 31.730 किलोमीटर लंबी है, जो किसान पथ फ्लाईओवर (एनएच-731) से हरदोई बॉर्डर तक फैली हुई है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना के शेष कार्यों को अगले 10 दिनों में पूरा कर यातायात शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) सौरभ चौरसिया, उप जिलाधिकारी मलिहाबाद अंकित कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी विशाख जी. ने निरीक्षण की शुरुआत किसान पथ अंडरपास, काकोरी रोड से की और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। परियोजना अधिकारी ने बताया कि इस फोर-लेन परियोजना का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है। परियोजना की कुल लंबाई 31.730 किलोमीटर है, जो लखनऊ को हरदोई से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क है। यह परियोजना किसान पथ फ्लाईओवर (एनएच-731) से शुरू होकर हरदोई बॉर्डर तक जाती है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया। उन्होंने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि यह सड़क शहर का प्रवेश द्वार है, इसलिए सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय किए जाएं। विशेष रूप से, किलोमीटर 260+800 से किलोमीटर 260+600 के बीच मेडियन (मध्य पट्टी) में पौधरोपण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया, ताकि सड़क का सौंदर्य बढ़े और पर्यावरण को लाभ हो।
जिलाधिकारी ने किलोमीटर 256+019 पर स्थित मेजर ब्रिज का भी जायजा लिया, जहां अप्रोच स्लैब का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि दोनों दिशाओं में यातायात को सुगम बनाने के लिए शेष कार्यों को अगले 10 दिनों में पूरा किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई निर्देश जारी किए।
लखनऊ-हरदोई फोर-लेन परियोजना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को हरदोई और आसपास के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए समय और ईंधन की बचत करेगी, बल्कि व्यापार, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। इस सड़क का निर्माण पीएम गतिशक्ति पोर्टल के तहत एकीकृत योजना के हिस्से के रूप में किया जा रहा है, जो देश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए शुरू किया गया है।
यह परियोजना लखनऊ के बाहरी क्षेत्रों, विशेष रूप से काकोरी और मलिहाबाद जैसे इलाकों में यातायात को सुगम बनाएगी। साथ ही, यह हरदोई जिले के किसानों और व्यापारियों को लखनऊ के बाजारों तक तेजी से पहुंचने में मदद करेगी। परियोजना के तहत बनाए गए फ्लाईओवर और अंडरपास स्थानीय यातायात को भी सुचारू करेंगे।
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