हरदोई: अर्कवंशी क्षत्रिय महासेना ने मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के सांसद अशोक कुमार रावत पर महाराजा सल्हीय सिंह अर्कवंशी के इतिहास से छेड़छाड़ करने, जातीय पहचान बदलकर प्रस्तुत करने और सामाजिक भावनाओं को आहत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह ज्ञापन सुनील अर्कवंशी के नेतृत्व में सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि सांसद अशोक कुमार रावत द्वारा दिया गया वक्तव्य भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) और 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। संगठन ने इसे समाज को विभाजित करने वाला भ्रामक और तथ्यहीन बयान बताया।
मुख्य मांगें:
- सांसद द्वारा दिए गए अपमानजनक वक्तव्य को तत्काल सार्वजनिक रूप से वापस लिया जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।
- दोष सिद्ध होने पर सांसद के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर अनुशासनात्मक प्रावधान लागू किए जाएं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप सिंह अर्कवंशी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संगठन और उसके सामाजिक सहयोगी बड़े जन आंदोलन की शुरुआत करेंगे। सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक सांसद अशोक कुमार रावत सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांग लेते।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप सिंह अर्कवंशी, भगीरथ अर्कवंशी, अधिवक्ता संतोष अर्कवंशी, राजवीर अर्कवंशी, राकेश अर्कवंशी, बालेन्द्र शर्मा, आयुष प्रताप सिंह अर्कवंशी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।