Hardoi News: कश्मीर में अनुच्छेद 370 और मीडिया पर शोध कार्य कर रजनीश त्रिपाठी ने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

मेधावी रजनीश इससे पूर्व 2 बार राष्ट्रपति से और एक बार राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। रजनीश ने अकादमिक जगत...

Mar 7, 2025 - 14:52
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Hardoi News: कश्मीर में अनुच्छेद 370 और मीडिया पर शोध कार्य कर रजनीश त्रिपाठी ने  डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

Hardoi News: जिले की कटियारी के बाशिंदे रजनीश त्रिपाठी ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 और मीडिया पर शोध कार्य कर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। पत्रकारिता में एम. ए. और एम. फिल. की उपाधि स्वर्ण पदक के साथ महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र से उत्तीर्ण करने वाले रजनीश ने पत्रकारिता में यूजीसी की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा को भी उत्तीर्ण किया है। 

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के मीडिया अध्ययन विभाग के पी-एच.डी. शोधार्थी रजनीश कुमार त्रिपाठी हरपालपुर विकास खंड के ग्राम सतौथा के निवासी और पेशे से प्राइवेट विद्यालय के शिक्षक देवेन्द्र त्रिपाठी के पुत्र है। रजनीश ने "अनुच्छेद 370 मुक्त कश्मीर: राष्ट्रीय प्रिंट मीडिया की भूमिका एवं प्रभाव का अध्ययन (दिल्ली से प्रकाशित दैनिक जागरण समाचार पत्र के विशेष संदर्भ )"  विषय पर अपना शोध विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुनील दीपक घोडके के निर्देशन और हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्यामनंदन के सह निर्देशन मे पूर्ण किया है। अकादमिक क्षेत्र में मीडिया अध्ययन की दृष्टि कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समापन के बाद से यह प्रथम पीएचडी शोध कार्य है, जिसमें अनुच्छेद 370 उन्मूलन में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया गया है! शोधार्थी को इस अध्ययन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की जाने वाली डॉक्टरोल फेलोशिप भी प्राप्त हुई है।

आपको बताते चले कि मेधावी रजनीश इससे पूर्व 2 बार राष्ट्रपति से और एक बार राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। रजनीश ने अकादमिक जगत में अपनी मेधा का परचम फहराते हुए दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग कर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं और रजनीश 3 किताबों के लिए चैप्टर लिख चुके है! रजनीश के कश्मीर और अनुच्छेद 370 , परम्परागत वेश्यावृत्ति, मीडिया और भाषा, कश्मीर और सिंधु सभ्यता विषयों पर सात शोध आलेख पियर रिव्यू जर्नल में प्रकाशित हो चुके है। रजनीश के शोध कार्य का मूल्यांकन स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज,  स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाडा विश्वविद्यालय,  नांदेड़ महाराष्ट्र के प्रो. सुहास दुर्गेशराव पाठक और जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं नवीन मीडिया विभाग के प्रो. परमवीर सिंह ने किया।

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अपनी स्कूली शिक्षा से बहुआयामी प्रतिभा के धनी रजनीश एनसीसी में सी सर्टिफिकेट और बेस्ट कैडेट रहे हैं,  स्काउटिंग में राष्ट्रपति पुरूस्कार ,राष्ट्रीय बाल विज्ञानी पुरस्कार ,अटल बिहारी वाजपेयी श्रेष्ठ वक्ता पुरूस्कार ,नवीन जैन राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता के विजेता, सरोजनी नायडू  राष्ट्रीय वाक प्रतियोगिता के लगातार 4 वर्ष चैम्पियन सहित 200 से ज्यादा वाद विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता रजनीश की इस उपलब्धि पर सांसद जय प्रकाश रावत, विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू, सीएसएन महाविद्यालय के राजनीति विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अखिलेश बाजपेयी, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. राजेश तिवारी, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री आशीष सिंह, बार एसोसिएशन सवायजपुर के पूर्व अध्यक्ष उदयराज सिंह, जिला पंचायत सदस्य राणा प्रताप सिंह हिमालय, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक सचिन मिश्र समेत जिलेभर से सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक संस्थाओं ने हर्ष व्यक्त किया और रजनीश को शुभकामनाएं प्रेषित की है। 

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