Sambhal : AIMIM जिलाध्यक्ष का बयान- ज़बरदस्ती ‘वन्दे मातरम्’ कहलवाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए

उन्होंने कहा, हम कानून अपने हाथ में न लें। ऐसी कोई घटना न करें जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो। हम संविधान को मानने वाले, कानून और अदालत का सम्मान करने वाले

By INA News Desk
Jan 2, 2026 - 23:06
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Sambhal : AIMIM जिलाध्यक्ष का बयान- ज़बरदस्ती ‘वन्दे मातरम्’ कहलवाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए
Sambhal : AIMIM जिलाध्यक्ष का बयान- ज़बरदस्ती ‘वन्दे मातरम्’ कहलवाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए
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Report : उवैस दानिश, सम्भल

मौहल्ला तिमरदास सराय आवास पर AIMIM के जिलाध्यक्ष से पत्रकारों ने वार्ता की। बातचीत के दौरान मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ज़बरदस्ती ‘वन्दे मातरम्’ कहलवाता है, तो ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में अदालत और कानून मौजूद हैं, ऐसे में ज़ोर-ज़बरदस्ती करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, हम कानून अपने हाथ में न लें। ऐसी कोई घटना न करें जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो। हम संविधान को मानने वाले, कानून और अदालत का सम्मान करने वाले लोग हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार और भारत में हो रहे प्रदर्शनों के साथ-साथ शाहरुख़ ख़ान द्वारा आईपीएल टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदे जाने से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि दुनिया में कहीं भी ज़ुल्म होता है तो वह ज़ुल्म ही है—चाहे वह बांग्लादेश हो या हिंदुस्तान।

उन्होंने कहा, जहाँ भी अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के साथ अन्याय होता है, वह गलत है और हम उसकी निंदा करते हैं। उन्होंने भारत में मॉब लिंचिंग और हिजाब-नक़ाब से जुड़े मामलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम नहीं होने चाहिए। आईपीएल और शाहरुख़ ख़ान से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि इस विषय में निर्णय और नियम बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। संगीत सोम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान में बदलकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, अगर ये लोग हिंदू-मुसलमान नहीं करेंगे तो इनकी राजनीतिक रोटियाँ नहीं सिकेंगी। शाहरुख़ ख़ान एक अभिनेता हैं, उन्होंने अपनी पहचान बनाई है और देश का नाम रोशन किया है, लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीति करना चाहते हैं। वार्ता के दौरान AIMIM जिलाध्यक्ष ने दोहराया कि देश में शांति, कानून और संविधान सर्वोपरि हैं और किसी भी मुद्दे का समाधान कानूनी दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

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