Sambhal : छठा सालाना उर्स हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद मोइनुद्दीन अशरफी अकीदत के साथ मनाया गया
कार्यक्रम की शुरुआत कुरान ख्वानी से हुई, जिसके बाद तिलावते कलाम-ए-मजीद पेश की गई। इसके उपरांत नात-ओ-मनकबत पढ़ी गईं, जिससे पूरा माहौल रूहानी हो गया। उर्स के दौरान
Report : उवैस दानिश, सम्भल
नखासा थाना क्षेत्र के मौहल्ला फतेहउल्लाह सराय में छठा सालाना उर्स हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद मोइनुद्दीन अशरफी पूरे अकीदत, एहतराम और धार्मिक माहौल के बीच मनाया गया। उर्स के मौके पर बड़ी तादाद में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही, जिन्होंने रस्मों में शिरकत कर दुआओं में हाथ उठाए।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरान ख्वानी से हुई, जिसके बाद तिलावते कलाम-ए-मजीद पेश की गई। इसके उपरांत नात-ओ-मनकबत पढ़ी गईं, जिससे पूरा माहौल रूहानी हो गया।
उर्स के दौरान उलमा-ए-किराम ने तकरीरें पेश कीं और हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद मोइनुद्दीन अशरफी की सीरत, तालीमात और उनके धार्मिक योगदान पर विस्तार से रोशनी डाली।
वक्ताओं ने उनके बताए रास्ते पर चलने और समाज में अमन, भाईचारे व इंसानियत को मजबूत करने का पैगाम दिया। दोपहर के समय फातिहा ख्वानी का आयोजन किया गया। इसके बाद मजार शरीफ पर अकीदतमंदों ने फातिहा ख्वानी कर दुआएं मांगीं।
कार्यक्रम के अंत में लंगर शरीफ तकसीम किया गया, जिसमें सभी ने शिरकत की। उर्स के दौरान मुल्क की सलामती, अमन-ओ-शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं। साथ ही मौजूद और गैर-मौजूद तमाम लोगों के लिए भी दुआ की गई। उर्स का यह आयोजन रूहानियत, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देकर संपन्न हुआ।
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