Sitapur : 12 साल पुराना जर्जर खड़ंजा, दोपहिया चालकों की जान खतरे में, आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर मरम्मत की मांग की
सीतापुर के खैराबाद विकास खंड की दारानगर ग्राम पंचायत से मछरेहटा विकास खंड के महमूदपुर गांव तक नाले के किनारे करीब तीन किलोमीटर लंबा खड़ंजा मार्ग अब बहुत खराब हालत
सीतापुर के खैराबाद विकास खंड की दारानगर ग्राम पंचायत से मछरेहटा विकास खंड के महमूदपुर गांव तक नाले के किनारे करीब तीन किलोमीटर लंबा खड़ंजा मार्ग अब बहुत खराब हालत में है। यह मार्ग लगभग 12 साल पहले तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव ने बनवाया था ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को दोपहिया वाहन से आने-जाने में आसानी हो। यह रास्ता दारानगर, रसूलपुर, महमूदपुर, सकरारा, गोपालापुर, मढिया, ठहरऊ और आसपास के कई गांवों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है। लेकिन देखभाल न होने से अब यह मार्ग पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। सड़क के कई जगह उखड़ गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे दोपहिया वाहन चलाने वालों को बहुत मुश्किल हो रही है। अक्सर वाहन फिसलने का डर रहता है और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
इस समस्या को लेकर आजाद अधिकार सेना के सीतापुर जिला अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा ने जिला पंचायत के जरिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज की है। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित लोगों की परेशानी दूर करने के लिए इस खड़ंजे का जल्दी से पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम कराया जाए। स्थानीय लोग कहते हैं कि यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है लेकिन खराब हालत की वजह से रोज की आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना है कि जिला पंचायत और प्रशासन इस समस्या पर कितनी जल्दी ध्यान देते हैं, या लोगों को ऐसे ही खतरे में डालकर सफर करना पड़ेगा।
Also Click : Hathras : हाथरस के सिकंदराराऊ में महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने वाला युवक गिरफ्तार
What's Your Reaction?











