Sitapur : बुजुर्ग किसान पर बाघ ने किया हमला हुई दर्दनाक मौत
घायल बुजुर्ग की पहचान मुन्नी लाल यादव के रूप में हुई है। जो आटा चक्की पर काम करते थे। गुरुवार देर शाम वह पिसावा से महोली की ओर गौशाला मार्ग पर अके
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur
महोली- सीतापुर : बीते देर रात बुजुर्ग पर बाघ के हमले से घायल हो गया। चंद्रा गांव के करीब गौशाला मार्ग पर पेड़ के नीचे लहूलुहान अवस्था में मिले बुजुर्ग के गले पर गहरे घाव के निशान पाए गए। ग्रामीणों ने इसे वन्यजीव का हमला बताया। जबकि वन विभाग के अधिकारी इसे कुत्ते या अन्य जानवर का हमला मानते हुए बाघ की आशंका से किया इन्कार मामला विकास खण्ड महोली क्षेत्र के चंद्रा गांव का है।
- खेत में खून से लथपथ अवस्था में मिले
जानकारी के मुताबिक घायल बुजुर्ग की पहचान मुन्नी लाल यादव के रूप में हुई है। जो आटा चक्की पर काम करते थे। गुरुवार देर शाम वह पिसावा से महोली की ओर गौशाला मार्ग पर अकेले कैसे पहुंचे। इसका पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों के अनुसार जब वह खेतों में खून से लथपथ अवस्था में पड़े मिले, तो लोगों ने शोर मचाते हुए पुलिस और वन विभाग को सूचना दी।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने तत्काल घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने वन विभाग की टीम से जमकर बहस की। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों को लेकर विभाग गंभीर नहीं है।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में बाघ व अन्य हिंसक जानवर घूमते रहते हैं। लेकिन विभाग हर बार किसी न किसी बहाने से मामले को टाल देता है। इस बीच डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह हमला बाघ का नहीं लगता। उनके अनुसार गले पर हुए निशान कुत्ते या किसी अन्य जानवर के हो सकते हैं।
हालांकि वन विभाग की इस दलील से ग्रामीण सहमत नहीं हैं। वे इसे बाघ का हमला मानते हुए विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वन विभाग ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
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