Sitapur : तहसीलदार सदर के तुगलकी फरमान से किसान व बेरोजगार आहत : शिव प्रकाश सिंह
कार्यालय पहुंचने पर तहसीलदार ने बेरोजगार युवकों की समस्याएं सुनने से भी परहेज़ किया और कहा कि “ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तभी बनेगा, जब लेखपाल दरवाजे पर खड़े होकर फोटो सहित आख्या देंगे, वरना प्रमाण पत्र नहीं बनेगा।”
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur
सीतापुर किसान मंच के राष्ट्रीय सचिव/प्रदेश प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार सदर अतुल सेन सिंह के तुगलकी फरमान और मनमानी रवैये से किसान व बेरोजगार गंभीर रूप से आहत हो रहे हैं।
श्री सिंह ने बताया कि तहसीलदार पद पर नियुक्त होने के बाद भी वे नायब तहसीलदार के कार्यकाल की तरह ही क्षेत्रीय दलालों के प्रभाव में काम कर रहे हैं। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित किसानों और बेरोजगार युवाओं से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण समय पर नहीं हो रहा। लोग कई-कई दिन लाइन में लगने के बावजूद काम कराने में असमर्थ हैं।
कार्यालय पहुंचने पर तहसीलदार ने बेरोजगार युवकों की समस्याएं सुनने से भी परहेज़ किया और कहा कि “ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र तभी बनेगा, जब लेखपाल दरवाजे पर खड़े होकर फोटो सहित आख्या देंगे, वरना प्रमाण पत्र नहीं बनेगा।”
शिव प्रकाश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार के अधीनस्थ कार्यालयों में निजी कर्मचारियों के जरिए वसूली का साम्राज्य फैला हुआ है और तहसील स्तर की अदालतों में ज्यादातर कार्य निजी लोगों से कराया जा रहा है। यह शासनादेशों और न्यायिक व्यवस्था की खुली अवहेलना है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत टिड़वा चिलौला गाटा संख्या 378 की औद्योगिक पट्टे की भूमि पर अवैध निर्माण और ग्राम पंचायत कचनार खाता संख्या 987 में 17 एकड़ तालाब पर कब्जे का मामला हाईकोर्ट में सिद्ध होने के बावजूद तहसीलदार की सरपरस्ती में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। केवल खानापूर्ति कर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
शिव प्रकाश सिंह ने चेतावनी दी कि तहसील सदर की इस कार्यप्रणाली ने मुख्यमंत्री व न्यायालय के आदेशों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यदि शीघ्र ही सुधार नहीं हुआ तो किसान मंच व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
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