Sitapur : बिसवां में अटल जयंती पर राष्ट्रीय काव्य संध्या का आयोजन
बाराबंकी से आए संस्कार भारती के प्रांत उपाध्यक्ष शिवकुमार व्यास ने अटल जी को समर्पित कविता पढ़ी। क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद पर उनकी रचना को सभी ने सराहा। हास्य कवि विकास बौख
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के बिसवां में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष में राष्ट्रीय काव्य संध्या का आयोजन किया गया। साहित्य भूषण कमलेश मौर्य मृदु की अध्यक्षता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज लखनऊ में यह अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा और विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद सलिल बिश्नोई ने अटल जी को भारतीय राजनीति का युग प्रवर्तक बताया। कवि सम्मेलन का संचालन रायबरेली से आए ओज कवि नीरज पांडेय ने किया। सोनी मिश्रा द्वारा मां सरस्वती की वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
अध्यक्षीय काव्य पाठ में कमलेश मौर्य मृदु ने अटल जी के अपने मंचीय संस्मरण सुनाए और उन्हें स्वामी विवेकानंद से तुलना करते हुए कहा कि दोनों युवक हृदय सम्राट हैं तथा अपने समय के क्रांतिकारी हैं। उन्होंने कविता में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हिंदू को विश्व मान्यता दी और अटल बिहारी ने हिंदी को दिलाई।
बाराबंकी से आए संस्कार भारती के प्रांत उपाध्यक्ष शिवकुमार व्यास ने अटल जी को समर्पित कविता पढ़ी। क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद पर उनकी रचना को सभी ने सराहा। हास्य कवि विकास बौखल ने चुटीले छंदों से सबको हंसाया। सोनी मिश्रा के श्रृंगार मुक्तकों ने तालियां बटोरीं। गीतकार राघवेंद्र मिश्र के प्रणय गीत "अँखियां पानी पानी पानी रे" पर श्रोता झूम उठे। भास्कर शर्मा की बेटियों को समर्पित रचना सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ रश्मि बिश्नोई ने सभी कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व प्राचार्या डॉ अनुराधा तिवारी, संस्कार भारती के प्रांत मंत्री धर्मेंद्र सिंह और वरिष्ठ नागरिक गणेश प्रसाद सिंह की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। भास्कर शर्मा ने आभार जताया। कार्यक्रम में अटल जी की कविताओं और व्यक्तित्व की खूब चर्चा हुई।
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