Sitapur : सीतापुर में शिक्षकों ने समायोजन तीन को निरस्त करने के लिए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
उन्होंने बताया कि विभागीय पोर्टल पर छात्र संख्या त्रुटिपूर्ण है। इसमें कई फर्जी छात्र दर्ज हैं। इन्हें हटाकर ही समायोजन किया जाए। समायोजन तीन में किसी शिक्षक से विकल्प न
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में चल रहे समायोजन-स्थानांतरण तीन की प्रक्रिया के खिलाफ शिक्षकों ने विरोध जताया। जिलाध्यक्ष रवींद्र दीक्षित के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार अतुल सेन सिंह को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। रवींद्र दीक्षित ने कहा कि शासन द्वारा जारी समायोजन दो में स्पष्ट निर्देश थे कि शिक्षकों को जबरन दूसरे विद्यालय में नहीं भेजा जाएगा और सभी से विकल्प लेकर ही समायोजन किया जाएगा। समायोजित शिक्षकों ने नए विद्यालय में कार्यभार संभाला। लेकिन अब पिछले छह महीने में समायोजित शिक्षकों को भी हटाने की बात कही जा रही है।
उन्होंने बताया कि विभागीय पोर्टल पर छात्र संख्या त्रुटिपूर्ण है। इसमें कई फर्जी छात्र दर्ज हैं। इन्हें हटाकर ही समायोजन किया जाए। समायोजन तीन में किसी शिक्षक से विकल्प नहीं लिया गया। विकल्प लेकर ही प्रक्रिया होनी चाहिए। बेसिक शिक्षा परिषद के गठन के बाद अब तक केवल सहायक अध्यापकों का समायोजन होता था। अब प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर समायोजन किया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
जनपद में एकल अध्यापक वाले विद्यालयों की सूची जारी की जाए और कारण बताए जाएं। यदि संयोजन दो के कारण एकल हुए तो जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक ही विषय का शिक्षक होने और वरिष्ठ होने पर उसे हटाया गया, जबकि एक विषय के दो शिक्षक तैनात हैं। उनका समायोजन नहीं किया गया। समायोजन तीन में कोई मानक तय नहीं किया गया। कहीं सहायक अध्यापक को पूर्व माध्यमिक से समायोजित किया गया तो कहीं प्रधानाध्यापक को प्राथमिक में। इसकी जांच हो। जनपद में समायोजन का कोई आदेश जारी नहीं हुआ, लेकिन यू-डायस पोर्टल पर गुप्त तरीके से विद्यालय बदल दिए गए, जो नियम विरुद्ध है।
विभाग द्वारा सोशल मीडिया से प्रधानाध्यापक प्राथमिक और सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक के शिक्षकों से शैक्षिक अभिलेख मांगे जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि वरिष्ठता सूची तैयार कर पदोन्नति होगी। लेकिन अभिलेख प्रेरणा और यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। शिक्षक 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश पर हैं। ऐसे में उत्पीड़न हो रहा है। विभाग की मंशा पर सवाल है कि पदोन्नति करनी है या केवल प्रभारी नियुक्त करना है। स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
शासन द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक पोर्टल पर डाटा में त्रुटियां ठीक करने के आदेश दिए गए थे। खंड शिक्षा अधिकारियों ने शपथ पत्र भेजे होंगे। इनकी छाया प्रति संगठन को उपलब्ध कराई जाए ताकि शिक्षक जान सकें कि डाटा ठीक हो गया है। यदि कार्य नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। समायोजन में शिक्षामित्र-अनुदेशकों को जोड़ा गया है या नहीं, इसकी जानकारी आदेश जारी कर दी जाए।
जिला मंत्री हंसराज वर्मा ने कहा कि समायोजन की प्रक्रिया शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से हो। अन्यथा संगठन आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। इसका उत्तरदायित्व शासन और प्रशासन पर होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, रत्नेश मिश्रा, शिव सागर वर्मा, पवन सिंह, नसीर अहमद, सिद्धार्थ पटेल, विनय गिहार, अंजनी शुक्ला, अनिल अवस्थी और सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे।
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