Crime News: ठग ने यूपी के DGP को भी नहीं छोड़ा, फर्जी अकाउंट को वेरीफाई करा 80 हजार ठगे, अब खानी पड़ेगी जेल की रोटी। 

डीजीपी प्रशांत कुमार के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुए हादसे के नाम पर पैसे मांगने वाले जालसाज सहारनपुर नांगल के साधारण...

Jan 11, 2025 - 14:19
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Crime News: ठग ने यूपी के DGP को भी नहीं छोड़ा, फर्जी अकाउंट को वेरीफाई करा 80 हजार ठगे, अब खानी पड़ेगी जेल की रोटी। 

By INA News Lucknow/Saharanpur.
डीजीपी प्रशांत कुमार के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुए हादसे के नाम पर पैसे मांगने वाले जालसाज सहारनपुर नांगल के साधारण सीर गांव निवासी अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। साइबर क्राइम सेल ने उसको सहारनपुर से पकड़ा है। डीजीपी प्रशांत कुमार की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुई दुर्घटना के पीड़ितों की मदद के नाम पर धन उगाही करने के आरोपित रिटायर्ड दरोगा के बेटे को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपित ने डीजीपी के नाम से फेक यूट्यूब चैनल भी बनाया था। पुलिस के मुताबिक आरोपित ने आईटीआई पास है। आरोपी ने डीजीपी के नाम से इंस्टाग्राम आईडी और यूट्यूब चैनल बनाया था। शुरुआत में फॉलोवर बढ़ाने के लिए काम किया। इसके बाद उससे पैसा कमाने लगा। साइबर टीम ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक अमित ने 2022 में यूपी पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। फिर आरोपी डीजीपी के असली ट्विटर हैंडल से फोटो डाउनलोड कर इस फेक इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट करने लगा। जिसके बाद इंस्टाग्राम आईडी पर फॉलोवर्स की संख्या करीब 67 हजार पहुंच गई थी। अरोपी ने फेक इंस्टाग्राम आईडी को वास्तविक दिखाने के लिए ब्लू टिक वेरिफाइड भी करवाया। आरोपित ने डीजीपी प्रशांत कुमार के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट prashantk_dgp।up बनाया था। इस अकाउंट में डीजीपी की प्रोफाइल फोटो भी लगी हुई थी। कुछ दिनों पहले जयपुर में सड़क हादसा हुआ था।

हादसे में घायल लोगों की आर्थिक मदद के नाम पर इंस्टाग्राम आईडी से रुपये की मांग की जा रही थी। रुपये भेजने के लिए क्यूआर कोड भी पोस्ट किया गया था।  आरोपी के पिता ताराचंद्र सेवानिवृत्त दरोगा हैं। साइबर क्राइम थाने में प्रभारी इंस्पेक्टर बृजेश यादव के अनुसार पूछताछ में आरोपी अमित ने बताया कि वर्ष 2022 में डीजीपी की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। उसके 67 हजार फॉलोवर हो गए थे। उक्त फर्जी आईडी को वेरीफाई कराते हुए ब्लू टिक भी ले लिया था।  आरोपी अमित ने जयपुर कांड के पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद मांग कर लोगों से 80 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। इसके लिए क्यूआर कोड जारी किया था। यही नहीं डीजीपी के नाम पर फर्जी यूट्यूब चैनल बनाया था। पुलिस ने आरोपी के पास से आईफोन बरामद किया है। आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची।

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आरोपी अमित आईटीआई पास है। पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते को सीज कर दिया है। उसने फेक इंस्टाग्राम आईडी को असली साबित करने के लिए आरोपित ने ब्लू टिक भी वेरीफाइड करवा लिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपित ने जयपुर के हादसे में घायल लोगों की मदद के नाम क्यूआर कोड अपलोड कर दिया था। उसके जरिए काफी रुपये भी कमा लिए थे। साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश कुमार के मुताबिक 30 दिसंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक की फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर जयपुर में हुई दुर्घटना में पीड़ित की मदद के नाम पैसे मांगने का मामला सामने आया। जब आरोपी को लगा कि वो पकड़ा जाएगा तो उसने अपने सारे अकाउंट डिलीट कर दिए थे। जिसकी वजह से ट्रेस करना और सबूत जुटाना थोड़ा मुश्किल हुआ। हालांकि बैंक डिटेल व सर्विलांस की मदद से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने सच कबूल कर लिया। आरोपी अमित आईटीआई पास है, टेक्निकल में काफी निपुण है।

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