पश्चिम बंगाल- बुला चौधरी के पैतृक घर में पांचवीं बार चोरी, पद्मश्री और राष्ट्रपति पुरस्कार सहित कई पदक गायब।
West Bengal: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में 14 अगस्त 2025 की रात एक दुखद घटना घटी, जब भारत की मशहूर तैराक और पद्मश्री सम्मानित बुला चौधरी के ....
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में 14 अगस्त 2025 की रात एक दुखद घटना घटी, जब भारत की मशहूर तैराक और पद्मश्री सम्मानित बुला चौधरी के पैतृक घर में चोरों ने सेंध लगाई। यह घटना देबाइपुकुर, हिंदमोटर क्षेत्र में स्थित उनके पुश्तैनी आवास में हुई, जहां चोरों ने उनके पद्मश्री पुरस्कार, राष्ट्रपति पुरस्कार, कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, साथ ही विदेशी पुरस्कार चुरा लिए। यह पांचवीं बार है, जब बुला चौधरी के इस घर में चोरी की वारदात हुई है। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे खेल जगत और स्थानीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन बार-बार होने वाली इन चोरियों ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बुला चौधरी, जिनका पूरा नाम बुला चौधरी चक्रवर्ती है, भारत की पहली महिला तैराक हैं, जिन्होंने सात समुद्री चैनलों को पार करने का कीर्तिमान स्थापित किया। उनका जन्म 2 जनवरी 1970 को हुगली, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उन्होंने नौ साल की उम्र में अपनी पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छह स्वर्ण पदक जीते और 1989 में इंग्लिश चैनल को पार करके इतिहास रचा। उन्हें 1990 में अर्जुन पुरस्कार और 2001 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्होंने 1991 के दक्षिण एशियाई खेलों में छह स्वर्ण पदक और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीते।
घटना की जानकारी के अनुसार, चोरों ने बुला चौधरी के पैतृक घर के पिछले दरवाजे को तोड़कर प्रवेश किया। उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, क्योंकि बुला चौधरी अपने परिवार के साथ कोलकाता में रहती हैं और समय-समय पर अपने पैतृक घर आती हैं। उनके भाई डोलन चौधरी अपने दादा-दादी के साथ इस घर की देखभाल करते हैं। चोरों ने न केवल बुला के सम्मान और पुरस्कार चुराए, बल्कि घर के कई सामान, जैसे बाथरूम का नल और लक्ष्मी घाट, तक उखाड़ ले गए। चोरी के दौरान घर का सामान बिखेर दिया गया और कई वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
डोलन चौधरी ने बताया कि यह उनके घर में पांचवीं बार चोरी की घटना है। इससे पहले भी 2015, 2018, 2021 और 2023 में चोर उनके घर में सेंध लगा चुके हैं। हर बार पुलिस में शिकायत दर्ज की गई, लेकिन चोरों को पकड़ने में कोई सफलता नहीं मिली। डोलन ने कहा कि पहले उनके घर के पास एक पुलिस चौकी थी, लेकिन उसे हटा लिया गया, जिसके बाद से घर और असुरक्षित हो गया। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा, "अगर एक पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ी का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे?"
घटना की सूचना मिलने के बाद उत्तरपाड़ा थाने के प्रभारी अमिताभ सन्याल ने मौके का दौरा किया और जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने यह भी बताया कि चोरी गए पुरस्कारों में बुला चौधरी का पद्मश्री मेडल, राष्ट्रपति पुरस्कार, कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, और विदेशी प्रतियोगिताओं से जीते गए पुरस्कार शामिल हैं। ये पुरस्कार न केवल आर्थिक रूप से मूल्यवान हैं, बल्कि बुला चौधरी की मेहनत, समर्पण और देश के लिए गौरव के प्रतीक हैं।
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गुस्सा और निराशा पैदा की है। हिंदमोटर और देबाइपुकुर के निवासियों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि बार-बार होने वाली चोरियां क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसले को दर्शाती हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और स्थायी पुलिस चौकी फिर से स्थापित की जाए। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। एक एक्स पोस्ट में एक यूजर ने लिखा कि एक राष्ट्रीय नायिका के घर में बार-बार चोरी होना शर्मनाक है और यह पुलिस प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।
बुला चौधरी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार उनके लिए केवल मेडल नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और देश के लिए गर्व का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने और उनके पुरस्कार वापस दिलाने की मांग की। बुला ने यह भी बताया कि वह अपने पैतृक घर को और सुरक्षित करने के लिए कदम उठा रही हैं, लेकिन बार-बार होने वाली चोरियों ने उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।
यह घटना न केवल बुला चौधरी के लिए व्यक्तिगत नुकसान है, बल्कि यह भारत के खेल इतिहास और राष्ट्रीय गौरव के लिए भी एक झटका है। बुला चौधरी ने अपने करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए। उन्होंने 1989 और 1999 में इंग्लिश चैनल को दो बार पार किया, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। इसके अलावा, उन्होंने 2004 में श्रीलंका के तालिमनार से तमिलनाडु के धनुषकोडी तक पाल्क जलडमरूमध्य को 14 घंटे में तैरकर पार किया। 2005 में वह पांच महाद्वीपों के समुद्री चैनलों को तैरने वाली पहली महिला बनीं। उनके ये कारनामे न केवल भारत, बल्कि विश्व स्तर पर तैराकी के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत हैं।
इस चोरी ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हुगली जिले में हाल के वर्षों में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाएं बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए, 2025 में ही हुगली के पोस्ता इलाके में एक स्वर्ण व्यवसायी के अपहरण की घटना सामने आई थी, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया। इसके अलावा, 2011 में हुए एक हत्याकांड में 13 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में अपराध का इतिहास रहा है।
खेल जगत ने भी इस घटना पर दुख जताया है। भारतीय तैराकी महासंघ ने बयान जारी कर कहा कि बुला चौधरी के पुरस्कार देश की धरोहर हैं, और उनकी चोरी खेल समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। महासंघ ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। कई पूर्व खिलाड़ियों और कोचों ने सोशल मीडिया पर बुला के समर्थन में पोस्ट किए। एक एक्स पोस्ट में एक यूजर ने लिखा, "बुला चौधरी ने देश का नाम रोशन किया, और आज उनके सम्मान को चुराया जा रहा है। यह शर्मनाक है।"
पुलिस ने वादा किया है कि वे इस मामले की गहन जांच करेंगे। उत्तरपाड़ा थाने के अधिकारियों ने बताया कि वे सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर चोरों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की चोरियां अक्सर संगठित गिरोहों द्वारा की जाती हैं, जो पुरस्कारों और कीमती वस्तुओं को काला बाजार में बेच देते हैं। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि चोरी गए पुरस्कारों को कहां बेचा जा सकता है।
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