Trending Crime News: गया में सनसनीखेज वारदात: पत्नी ने तरबूज में जहर मिलाकर पति की हत्या की।
बिहार के गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के केशापी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक पत्नी ने अपने पति की...
बिहार के गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के केशापी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक पत्नी ने अपने पति की हत्या तरबूज में जहर मिलाकर कर दी। यह वारदात 26 मई को उस समय सामने आई, जब 25 वर्षीय मंटू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी, 22 वर्षीय लखिया देवी, और उसके सास-ससुर को हिरासत में लिया है, और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंटू यादव और लखिया देवी की शादी 2022 में झारखंड के हंटरगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव में हुई थी। शादी के बाद से ही लखिया अधिकांश समय अपने मायके में रहती थी और केवल एक महीने पहले ही अपने ससुराल आई थी। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि मंटू और लखिया के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी, जिसके बाद मंटू अपने काम के सिलसिले में ट्रक पर खलासी के रूप में चला गया था। सोमवार को लखिया ने फोन करके मंटू को घर बुलाया और उसे डोभी से अपने साथ लेकर आई।
घर पहुंचने के बाद दोनों अपने कमरे में बंद हो गए। कुछ देर बाद मंटू के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद परिजनों ने कमरे का दरवाजा खुलवाया। मंटू ने परिवार वालों को बताया कि उसे बहुत बेचैनी हो रही है और लखिया ने तरबूज में कुछ मिलाकर उसे खिला दिया है। इसके बाद मंटू की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों ने तुरंत उसे डोभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की भौजाई पूजा देवी ने बताया कि मंटू ने मरने से पहले साफ तौर पर लखिया पर तरबूज में जहर मिलाने का आरोप लगाया था।
घटना की सूचना मिलते ही डोभी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज, गया भेज दिया। डोभी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस ने लखिया देवी के साथ-साथ मंटू के सास और ससुर को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को हत्या का कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि लखिया ने तरबूज में जहर का इंजेक्शन लगाया था, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
यह घटना उस समय हुई, जब पूरे देश में वट सावित्री पूजा का उत्सव मनाया जा रहा था, जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत और पूजा करती हैं। इस पृष्ठभूमि में लखिया द्वारा अपने पति की हत्या का मामला और भी शर्मनाक और दुखद प्रतीत होता है। मंटू और लखिया की शादी को अभी तीन साल ही हुए थे, और परिवार वालों के अनुसार, दोनों के बीच रिश्तों में तनाव बना रहता था। लखिया का अधिकांश समय मायके में बिताना और मंटू के साथ बार-बार होने वाले झगड़े इस तनाव का मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
मृतक के परिवार ने यह भी बताया कि लखिया का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध रहा था, और वह अक्सर मायके में रहने की जिद करती थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हत्या के पीछे कोई प्रेम प्रसंग या अन्य कोई कारण था, लेकिन पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में बढ़ती जा रही हैं, जहां पारिवारिक विवादों का समाधान हिंसा के रूप में सामने आ रहा है। इसके अलावा, यह घटना उन कई मामलों में से एक है, जहां पति-पत्नी के बीच छोटे-मोटे झगड़ों ने हिंसक रूप ले लिया। हाल के वर्षों में, देश भर से ऐसी कई खबरें सामने आई हैं, जहां पति या पत्नी ने आपसी विवाद के चलते एक-दूसरे की हत्या कर दी।
उदाहरण के लिए, कौशांबी में करवाचौथ के दिन एक पत्नी ने अपने पति को माइक्रोनी में जहर देकर मार डाला था। इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या समाज में बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव को कम करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं? गया के केशापी गांव में हुई इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज में रिश्तों की नाजुकता को भी उजागर किया है। मंटू यादव की हत्या का मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि इस हत्या के पीछे का सटीक मकसद क्या था। तब तक, लखिया देवी और उसके सास-ससुर से पूछताछ जारी है।
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