Special Article: क्या भारत के लिए बड़ा खतरा बनेगा बांग्लादेश या मोहम्मद यूनुस देख रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपने। 

जिस बांग्लादेश को वर्ष 1971 में पाकिस्तानी सेना के अत्याचारो से स्वतंत्र कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई अब वही बांग्लादेश अपने संस्थापक मुजीबुर्रहमान

Nov 5, 2025 - 10:35
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Special Article: क्या भारत के लिए बड़ा खतरा बनेगा बांग्लादेश या मोहम्मद यूनुस देख रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपने। 
क्या भारत के लिए बड़ा खतरा बनेगा बांग्लादेश या मोहम्मद यूनुस देख रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपने। 

लेखक:- मृत्युंजय दीक्षित 
जिस बांग्लादेश को वर्ष 1971 में पाकिस्तानी सेना के अत्याचारो से स्वतंत्र कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई अब वही बांग्लादेश अपने संस्थापक मुजीबुर्रहमान के सपने को ध्वस्त करते तथा जमीयत की विचारधारा को अपनाते हुए पाकिस्तान के करीब जा रहा है । यूनुस का बांग्लादेश पाकिस्तान को खुश करने और भारत को चिढ़ाने के लिए तरह -तरह के पैतरे दिखा रहा है। 

बांग्लादेश की ओर से विगत दिनों में ऐसी कई हरकतें की गई हैं जो भारत की राष्ट्रीय एकता, अखंडता व सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरा बन सकती हैं । भारत के लिए अच्छी बात यह है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली ऐसी सशक्त सरकार है जो हर चुनौती से निपटने में सक्षम है। विगत दिनों पाकिस्तानी सेना के नंबर दो अधिकारी  ज्वांइट चीफ आफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने उपहार में एक पुस्तक दी है जिसका नाम है “आर्ट ऑफ ट्रायंफः बांग्लादेश द न्यू डान“ और साथ में एक विवादित मानचित्र भी दिया है। यह मानचित्र  बहुत ही हैरान करने वाला है जो यह बताता है कि मोहम्मद यूनुस के मन में भारत के प्रति क्या चल रहा है और वह किस प्रकार कठमुल्ला  विचारधारा का साथ दे रहे हैं। बांग्लादेश ने पाकिस्तान व पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को खुश करने के लिए जो नया मानचित्र दिया है उसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम और अन्य उत्तर पूर्वी  राज्यों को ग्रेटर बांग्लादेश के रूप में दिखाया गया है। यूनुस का यह कृत्य उकसाने वाला है  उन्होंने जो पुस्तक जारी की है उसमें 2024 में छात्र आंदोलन की शुरुआत से लेकर शेख हसीना सरकार को हटाने तक की तस्वीरे हैं। 

यही नहीं भारत का मोस्ट वांटेड शत्रु जाकिर नाईक जो  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में बांग्लादेश के एक होटल में घटी  आतंकी घटना का आरोपित है वह अब बांग्लादेश का मुख्य अतिथि बनकर जा रहा है। जाकिर नाईक भारत में हिंदुओं का मतांतरण कराने का षड्यंत्र करता रहता जो केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद किसी तरह मलेशिया भाग गया और वहां शरण लेकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। भारत ने जाकिर  के प्रत्यर्पण के लिए मलेशिया की सरकार से संपर्क भी किया है किंतु अभी इसमें सफलता नहीं प्राप्त हुई है।अब वही जाकिर नाईक बांग्लादेश में युवाओं को कट्टरता की आग में झोंकने का काम करने जा रहा है। जाकिर ने एक बार कहा था कि अगर मुगल चाहते तो तलवार के बल पर भारत के 80 प्रतिशत हिंदुओं  को मुसलमान बना सकते थे। जाकिर नाईक के बांग्लादेश का मुख्य अतिथि बनकर जाने से वहां पर बचे हुए हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए एक बार फिर एक बहुत बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। 

बांग्लादेशी प्रमुख मोहम्मद यूनुस स्वतंत्र विदेश नीति के नाम पर पकिस्तान के साथ जा रहे हैं और इसीकारण बंगला देश में  पाकिस्तान की गतिविधियां भी बहुत तीव्रता के  साथ बढ़ रही है। भारत के दृष्टिकोण से मोहम्मद यूनुस एक छद्म व्यक्ति है  जो बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार अपदस्थ होने के बाद निर्दोष हिंदुओं  पर भीषणतम अत्याचारों पर मौन साध कर उनको बढ़ावा देता रहा ।बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदू तथा अन्य अल्पसंख्यक समुदय के लोगों की लक्षित हत्याएं लूटपाट आगजनी  महिलाओ के साथ  जघन्य अपराध किये गये मंदिरों पर बर्बरतापर्वूक हमलों को अंजाम दिया गया। अब वह कट्टरपंथियों जमात के साथ मिलकर भारत के विरुद्ध षड्यंत्र कर रहा है। 

नोबेल पुरस्कार प्राप्त मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में  बांगलादेश के हालात इतने दयनीय हो गये  हैं कि शांतिपूर्वक जीने और विभिन्न सामाजिक सेवाएँ करने वाले संगठन इस्कॉन को धार्मिक कट्टरपंथी संगठन करार देते हुए उसे प्रतिबंधित करने की मांग तक कर डाली गई। नवरात्र के पर्व पर कट्टरपंथी हमलों की बाढ़ सी आ गई थी बाद में  भारत का बहुत दबाव पड़ने  के बाद हालात कुछ नियंत्रित हुए ।  

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में वक्तव्य देते हुए  कहा था कि भारत अगर किसी को जन्म दे सकता है तो वह उसे समाप्त भी कर सकता है। उनका यह वक्तव्य  वैसे तो पाकिस्तान के परिप्रेक्ष्य में था पर उसके निहितार्थ में बांग्लादेश भी था। 

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