Baitul : प्रदेश अध्यक्ष के जिले में डेम के कारण तबाह हुआ एक गांव, बर्बाद हुआ गाढ़वा पीपला, मुआवजे की मांग को ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी

ज्ञापन में बताया गया कि जब मेंढा डेम का निर्माण कार्य हुआ था, तब डेम के पायें की खुदाई से निकली मिट्टी और मुरम के बड़े ढेर ताप्ती नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा

By INA News Desk
Aug 6, 2025 - 23:53
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Baitul : प्रदेश अध्यक्ष के जिले में डेम के कारण तबाह हुआ एक गांव, बर्बाद हुआ गाढ़वा पीपला, मुआवजे की मांग को ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष के जिले में डेम के कारण तबाह हुआ एक गांव, बर्बाद हुआ गाढ़वा पीपला, मुआवजे की मांग को ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी
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ग्रामीणों ने रैली निकाल कर सौंपा ज्ञापन, डूब प्रभावितों की तर्ज पर मुआवजा देने की मांग

Report : शशांक सोनकपुरिया, बैतूल- मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के जिले में जनता का हाल बेहाल है यहाँ पर डेम के कारण पूरा एक गांव तबाह हो गया है आपको बता दें कि मेंढा डेम से निकलने वाले बाढ़ के पानी ने गाड़वा पीपला गांव के खेतों और मकानों को तबाह कर दिया है। खेत नदी में तब्दील हो गए हैं, उपजाऊ मिट्टी बह चुकी है और ग्रामीण अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुके हैं।इसी गंभीर परिस्थिति को लेकर ग्राम गाड़वा पीपला के प्रभावित किसानों ने समाजसेवी निखिल बावने के नेतृत्व में मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर रैली निकाली और कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में मुआवजा नहीं मिला तो वे भूख हड़ताल और चक्का जाम जैसे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।ज्ञापन में बताया गया कि जब मेंढा डेम का निर्माण कार्य हुआ था, तब डेम के पायें की खुदाई से निकली मिट्टी और मुरम के बड़े ढेर ताप्ती नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बने। इससे नदी का बहाव दिशा बदल गया और बाढ़ का पानी गाड़वा गांव की ओर मुड़ गया। परिणामस्वरूप खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई, जिससे अब फसल लगाना लगभग असंभव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पूर्ण रूप से कृषि पर निर्भर हैं और अब उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचा।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जिस प्रकार मेंढा डेम डूब क्षेत्र के लोगों को खेत, मकान, 18 वर्ष से ऊपर के युवक और परिवार के मुखिया को मुआवजा दिया गया है, उसी तरह गाड़वा गांव के किसानों को भी मुआवजा दिया जाए। उनका आग्रह है कि 15 दिन के भीतर प्रभावित खेतों और किसानों का सर्वे कर नाम जोड़े जाएं और मुआवजा राशि प्रदान की जाए अन्यथा ग्रामवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे चार दिन तक कलेक्टर कार्यालय बैतूल में समाजसेवी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

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