कर्नाटक विधानसभा में भाजपा जेडीएस ने रात भर धरना दिया, एक्साइज मंत्री तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग।
कर्नाटक विधानसभा में मंगलवार रात विपक्षी दलों भाजपा और जेडी(एस) ने एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विधान
कर्नाटक विधानसभा में मंगलवार रात विपक्षी दलों भाजपा और जेडी(एस) ने एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विधान सौधा में रात भर धरना प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की जबकि सरकार ने आरोपों को खारिज कर दिया। भाजपा ने एक्साइज विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जिसमें शराब लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही है और करीब 6000 करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया है।
मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा में विपक्षी दलों भाजपा और जेडी(एस) के विधायकों ने विधान सौधा में रात भर स्लीप-इन या ओवरनाइट धरना प्रदर्शन किया जहां उन्होंने एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की। धरना एक्साइज विभाग में कथित भ्रष्टाचार घोटाले के विरोध में था। विधायकों ने सदन के अंदर ही धरना दिया और सदन स्थगित होने के बाद भी जारी रखा। भाजपा नेता आर अशोक ने दिन में सदन में आरोप लगाए कि विभाग में 6000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कर्नाटक वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरुस्वामी के पत्र का हवाला दिया जिसमें भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया गया था। (इनसेट: भाजपा और जेडीएस विधायकों ने विधान सौधा में ओवरनाइट धरना दिया और तिम्मापुर के इस्तीफे की मांग की।) धरना मंगलवार रात शुरू हुआ और विधायकों ने कहा कि तब तक जारी रहेगा जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते। भाजपा विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा कि हम विधान सौधा में सोएंगे और स्पीकर के आने पर बुधवार को भी जारी रखेंगे। विपक्ष ने लोकायुक्त द्वारा एक एक्साइज अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़े जाने और एक एक्साइज अधिकारी व वकील के बीच कथित ऑडियो बातचीत का जिक्र किया। धरना सदन के अंदर था जहां विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाया। (इनसेट: धरना रात भर जारी रहा और विधायकों ने स्लीप-इन प्रोटेस्ट किया।) यह प्रदर्शन एक्साइज मंत्री पर लगे आरोपों के खिलाफ था जहां विपक्ष ने विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा किया। सदन में हंगामा हुआ और स्पीकर ने सत्र स्थगित किया लेकिन विपक्ष ने धरना जारी रखा।
- एक्साइज विभाग में 6000 करोड़ का भ्रष्टाचार का आरोप भाजपा ने लाइसेंस के लिए रिश्वत का दावा किया
भाजपा ने एक्साइज विभाग को राज्य का सबसे भ्रष्ट विभाग बताया और आरोप लगाया कि शराब लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत ली जा रही है। नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि कर्नाटक वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने दो वर्षों में 6000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया है। उन्होंने CL-7 होटल/बार परमिट और माइक्रोब्रेवरी अप्रूवल के लिए रिश्वत का आरोप लगाया। भाजपा ने लोकायुक्त द्वारा हाल में एक एक्साइज अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़े जाने का हवाला दिया। (इनसेट: भाजपा ने एक्साइज विभाग में 6000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।) विपक्ष ने एक कथित ऑडियो बातचीत का जिक्र किया जिसमें एक्साइज अधिकारी और वकील के बीच चर्चा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइसेंस जारी करने और ट्रांसफर में अनियमितताएं हो रही हैं। भाजपा ने कहा कि यह घोटाला पिछले महीने सामने आया और ऑडियो क्लिप से साफ है। विपक्ष ने विभाग में रिश्वतखोरी को व्यवस्थित बताया और मंत्री पर जिम्मेदारी ठहराई। (इनसेट: शराब लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगी जा रही है भाजपा का दावा।) भाजपा ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर है और मंत्री इस्तीफा दें। उन्होंने लोकायुक्त से जांच की मांग की।
- एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर ने इस्तीफे से इनकार किया सुधारों का हवाला देकर आरोप खारिज किए
एक्साइज मंत्री आर बी तिम्मापुर ने इस्तीफे से इनकार किया और कहा कि वे निर्दोष हैं तथा इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने सदन में कहा कि आरोप महज आरोप हैं और सबूत पेश किए जाएं। तिम्मापुर ने विभाग में सुधारों का जिक्र किया जिसमें ट्रांसफर के लिए काउंसलिंग सिस्टम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने होम डिस्ट्रिक्ट में काम नहीं कर सकते और गलत अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। (इनसेट: तिम्मापुर ने कहा कि वे निर्दोष हैं और इस्तीफा नहीं देंगे।) मंत्री ने 41 ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने, लाइसेंस प्रक्रिया सरल करने और सेंट्रलाइज्ड ऑक्शन लागू करने का हवाला दिया। उन्होंने हब्बली शराब स्टॉक मामले और नागशयाना ऑडियो मामले में जांच चल रही होने की बात कही। तिम्मापुर ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप हर सरकार में लगते रहे हैं और पूर्व एक्साइज मंत्रियों पर भी लगे थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि महज आरोपों पर इस्तीफे की जरूरत नहीं है। (इनसेट: मंत्री ने विभाग में सुधारों का जिक्र कर आरोप खारिज किए।) सरकार ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि सबूत पेश किए जाएं। तिम्मापुर ने कहा कि वे दलित मंत्री हैं लेकिन आरोपों से डरेंगे नहीं।
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