Deoband : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहतर शिक्षा और चिकित्सा के लिए अलग राज्य जरूरी- भगत सिंह वर्मा
उन्होंने मांग की कि सहारनपुर या मेरठ में एम्स बनाया जाए और मेरठ में आईआईटी एनआईटी तथा आईआईएम जैसे उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाएं ताकि युवाओं को बेहतर शिक्षा और नौकरी के मौके मि
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी शिक्षा, चिकित्सा और न्याय व्यवस्था के लिए अलग पश्चिम प्रदेश बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर नया राज्य बनाने से क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।
देवबंद दीवानी कचहरी में अधिवक्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देता है लेकिन फिर भी शिक्षा और चिकित्सा की सुविधाएं बहुत कम हैं। उत्तर प्रदेश में दो एम्स गोरखपुर और रायबरेली में बने हैं जो पूर्वांचल में हैं जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब आठ करोड़ आबादी को इलाज के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता है जहां स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हैं और आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं।
उन्होंने मांग की कि सहारनपुर या मेरठ में एम्स बनाया जाए और मेरठ में आईआईटी एनआईटी तथा आईआईएम जैसे उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाएं ताकि युवाओं को बेहतर शिक्षा और नौकरी के मौके मिलें। भगत सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता की लगातार उपेक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 45 साल से अधिवक्ता मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इससे आठ करोड़ लोगों को न्याय के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है जो आसान न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि अलग पश्चिम प्रदेश बनने पर मेरठ में राजधानी और हाईकोर्ट होगा जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का हर तरह से विकास होगा। उन्होंने दावा किया कि नया राज्य बनने पर यहां की प्रति व्यक्ति आय देश और दुनिया में सबसे आगे होगी। समाजसेवी रामकिशन सैनी एडवोकेट ने कहा कि अब समय है कि सभी लोग भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में अलग पश्चिम प्रदेश के आंदोलन को मजबूत करें। नया राज्य बनने से भ्रष्टाचार रुकेगा और क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। बैठक में समाजसेवी कुलबीर चौधरी, प्रवेश कुमार एडवोकेट, सुधांशु कुमार एडवोकेट, मनीष कुमार एडवोकेट, युवराज शर्मा एडवोकेट, सत्येंद्र पालीवाल एडवोकेट, गौरव पवार एडवोकेट, नरेश कुमार एडवोकेट, अजीत सिंह एडवोकेट समेत कई अधिवक्ता शामिल हुए।
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