देहरादून कोर्ट तिराहे पर जूस विक्रेता की घिनौनी हरकत: कपड़े से निजी अंग साफ कर बर्तनों में रखा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने रेहड़ी जब्त की। 

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता पैदा कर दी है। कोर्ट तिराहे पर जूस बेचने

Oct 8, 2025 - 15:58
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देहरादून कोर्ट तिराहे पर जूस विक्रेता की घिनौनी हरकत: कपड़े से निजी अंग साफ कर बर्तनों में रखा, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने रेहड़ी जब्त की। 

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने लोगों के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता पैदा कर दी है। कोर्ट तिराहे पर जूस बेचने वाले एक विक्रेता ने शनिवार को अपनी रेहड़ी पर घिनौनी हरकत की। उसने अपने निजी अंग को साफ करने के बाद इस्तेमाल किया हुआ कपड़ा सीधे जूस बनाने वाले बर्तनों में रख दिया। यह पूरी घटना एक महिला ने कैमरे में कैद कर ली और सोशल मीडिया पर साझा कर दी। वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। विक्रेता की रेहड़ी जब्त कर ली गई और उसका चालान काट दिया गया। पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना शनिवार, 5 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। कोर्ट तिराहा देहरादून का एक व्यस्त इलाका है, जहां जिला अदालत के पास रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। यहां रेहड़ी-पटरी वालों की संख्या भी अच्छी-खासी है। विक्रेता, जिसका नाम अभी गोपनीय रखा गया है, ताजा फलों का जूस बेचता था। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए उसके पास आते थे। लेकिन उस दिन एक महिला, जो जूस खरीदने आई थी, को विक्रेता की हरकत पर शक हुआ। महिला ने बताया कि जब विक्रेता ने जूस बनाने की तैयारी की, तो वह थोड़ी दूर खड़ी होकर नजर रख रही थी। अचानक विक्रेता ने अपनी पैंट के अंदर हाथ डाला और एक कपड़े से कुछ साफ किया। फिर उसी कपड़े को बिना धोए जूस के बर्तनों के पास रख दिया।

महिला ने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में विक्रेता साफ दिख रहा है, जो एक पुराने कपड़े को इस्तेमाल करने के बाद बिना किसी हिचकिचाहट के बर्तनों की ओर रखता है। महिला चिल्लाई, 'यह क्या कर रहे हो? इतनी गंदगी कैसे फैला सकते हो?' विक्रेता घबरा गया और रेहड़ी समेटने लगा। लेकिन महिला ने वीडियो बंद नहीं किया और आसपास के लोगों को बुला लिया। भीड़ जमा हो गई और सबने विक्रेता को घेर लिया। कोई कह रहा था कि ऐसे जूस से बीमारियां फैलेंगी, तो कोई चिल्ला रहा था कि तुरंत पुलिस बुलाओ। विक्रेता ने बहाना बनाया कि कपड़ा साफ है, लेकिन किसी ने विश्वास नहीं किया। महिला ने वीडियो को एक्स और इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया, जहां यह घंटों में हजारों बार देखा गया।

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं तीखी हैं। एक यूजर ने लिखा कि स्ट्रीट फूड अब जहर बन गया है, कौन खाएगा? दूसरे ने कहा कि ऐसे विक्रेताओं को जेल होनी चाहिए, क्योंकि वे लोगों की सेहत से खेल रहे हैं। कई महिलाओं ने अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया, कहा कि सार्वजनिक जगहों पर ऐसी हरकतें असहज करती हैं। कुछ यूजर्स ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को टैग किया, मांग की कि सभी रेहड़ी-पटरी वालों की जांच हो। वायरल वीडियो ने देहरादून में खाद्य सुरक्षा पर बहस छेड़ दी। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे बिकने वाले जूस और चाट में स्वच्छता की कमी आम समस्या है।

देहरादून पुलिस ने वीडियो वायरल होते ही संज्ञान लिया। कोतवाली सदर थाने की टीम मौके पर पहुंची और विक्रेता को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि रेहड़ी जब्त कर ली गई है और सैंपल स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए हैं। चालान मोटर व्हीकल एक्ट और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत काटा गया। आईपीसी की धारा 272 (संक्रामक रोग फैलाने का प्रयास) और 296 (अश्लील कृत्य) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। एसएसपी देहरादून ने कहा कि जांच पूरी होने पर सख्त कार्रवाई होगी। विक्रेता को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आसपास के अन्य विक्रेताओं को चेतावनी दी कि स्वच्छता बनाए रखें, वरना कार्रवाई होगी।

यह घटना देहरादून में हाल ही में हुई ऐसी दूसरी घटना है। कुछ हफ्ते पहले एक चाट विक्रेता को गंदे पानी से चाट बनाते कैद किया गया था, जिसके बाद नगर निगम ने कई रेहड़ियां हटाईं। 2024 में देहरादून में फूड पॉइजनिंग के कई मामले सामने आए, जहां सड़क किनारे बिकने वाले खाने से लोग बीमार पड़े। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में हर साल 500 से ज्यादा फूड एडल्टरी के केस दर्ज होते हैं। ज्यादातर स्ट्रीट फूड वेंडर्स में ही कमी पाई जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि जूस जैसे पेय पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, खासकर अगर बर्तन गंदे हों।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के नियमों के तहत सभी विक्रेताओं को लाइसेंस लेना अनिवार्य है। देहरादून नगर निगम ने 2025 में अभियान चलाया, जिसमें 200 रेहड़ियों का लाइसेंस रद्द किया गया। लेकिन जागरूकता की कमी से समस्या बनी रहती है। विक्रेता अक्सर सस्ते तरीके अपनाते हैं, जैसे एक ही कपड़े से सब कुछ साफ करना। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे लाइसेंस चेक करें और साफ-सुथरी जगह चुनें। सरकार ने मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जहां फूड लाइसेंस वेरिफाई किया जा सकता है।

देहरादून शहर के बारे में बात करें तो यह पहाड़ी इलाके में बसा पर्यटन स्थल है। कोर्ट तिराहा अदालत के पास है, जहां वकील, जज और यात्री आते हैं। यहां की सड़कें हमेशा व्यस्त रहती हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि रेहड़ी-पटरी वाले शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन स्वच्छता पर ध्यान दें। महिला, जिसने वीडियो बनाया, ने कहा कि वह सिर्फ लोगों को जागरूक करना चाहती थी। उसके पति ने बताया कि वे अब सावधानी से खरीदारी करेंगे। घटना के बाद आसपास के विक्रेताओं में डर है, कई ने अपनी रेहड़ियां हटा लीं।

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