Lucknow : उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 33 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, 57 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त परियोजना प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई करें। स्थापित इकाइयों के सब्सिडी

Jan 6, 2026 - 22:47
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Lucknow : उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 33 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, 57 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत
Lucknow : उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 33 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, 57 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (एसएलईसी) की बैठक हुई। बैठक में कुल 35 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 33 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद सहमति बनी। कमेटी ने इन 33 प्रस्तावों के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की मंजूरी दी। इन प्रस्तावों के बदले करीब 57 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त परियोजना प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई करें। स्थापित इकाइयों के सब्सिडी प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करना है। विभाग द्वारा देश की सर्वोत्तम खाद्य प्रसंस्करण नीति के जरिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।

बैठक की अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। बैठक में विभिन्न सेक्टरों के जीडीपी में योगदान पर चर्चा हुई। पाया गया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में मदद मिलेगी। कमेटी ने निर्देश दिया कि स्थापित इकाइयों के निवेशकों की सफलता की कहानियों का प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि युवा, स्टार्टअप और उद्यमी प्रेरित हों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अधिक इकाइयां स्थापित करें।

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बीएल मीणा ने बताया कि नीति के तहत जनपद बरेली में कुल 29 परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जो प्रदेश में पहले स्थान पर है। रामपुर में 22 और कानपुर नगर में 21 परियोजनाएं हैं। विभिन्न जिलों से स्वीकृत 33 प्रस्तावों में अम्बेडकरनगर से 1, अलीगढ़ से 2, आगरा से 3, कानपुर नगर से 3, कानपुर देहात से 1, कासगंज से 1, गाजियाबाद से 1, चित्रकूट से 1, जौनपुर से 1, गौतम बुद्ध नगर से 1, पीलीभीत से 1, बरेली से 4, बाराबंकी से 1, बस्ती से 1, बुलंदशहर से 1, मेरठ से 1, लखनऊ से 3, शाहजहांपुर से 1, सहारनपुर से 2, सीतापुर से 1, सुल्तानपुर से 1 और सोनभद्र से 1 प्रस्ताव शामिल हैं।

समिति ने स्थापित परियोजनाओं में स्थानीय किसानों की भागीदारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। किसानों से कच्चा माल की आपूर्ति में सहयोग लिया जाए ताकि उनकी आय में वृद्धि हो। उत्तर प्रदेश निवेशकों की पसंद बन रहा है। नीति के कारण खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लगातार स्वीकृति मिल रही है। इससे गांव-गांव तक औद्योगिक विकास पहुंचेगा और स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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