Lucknow : लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्व युवा दिवस पर एचआईवी/एड्स जागरूकता संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनकी जागरूकता और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से झलकी। संवादात्मक चर्चाओं, मिथक-
लखनऊ : लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्व युवा दिवस के अवसर पर एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्रों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एक संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हैप्पी थिंकिंग लेबोरेटरी और परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रेड एफएम, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), और उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (UPSACS) के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. एम. प्रियदर्शिनी और प्रो. वैशाली सक्सेना ने किया, जो मानसिक स्वास्थ्य और युवा-संबंधी मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने प्रभावशाली व्याख्यानों के माध्यम से एचआईवी/एड्स के संक्रमण के तरीकों, रोकथाम के उपायों, सामाजिक कलंक, और समय पर पहचान व उपचार के महत्व को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनकी जागरूकता और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से झलकी। संवादात्मक चर्चाओं, मिथक-निवारण गतिविधियों, और प्रश्नोत्तर सत्रों के जरिए छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई, जिसने उन्हें खुलकर अपने विचार व्यक्त करने का सुरक्षित मंच प्रदान किया। रेड एफएम और NACO के प्रतिनिधियों ने समाज में जागरूकता फैलाने और गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि UPSACS ने राज्य स्तर पर चल रही पहलों, परीक्षण, परामर्श, और सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी साझा की।
यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने के लिए था, बल्कि छात्रों को पीयर एजुकेटर के रूप में सक्रिय करने और एक जागरूक, समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का भी लक्ष्य रखता था। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा सहानुभूति, भेदभाव-रहित व्यवहार, और स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की शपथ के साथ हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने इस प्रभावशाली आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आयोजकों, साझेदारों, वक्ताओं, और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
What's Your Reaction?











