योगी सरकार की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: यूपी में 15 जिलाधिकारियों समेत 40 IAS अफसरों के तबादले, देखें नई तैनाती की पूरी लिस्ट।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 की देर रात प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक व्यापक बदलाव करते हुए
- सत्ता के गलियारों में हलचल: देर रात प्रशासनिक फेरबदल में बदले गए कई जिलों के कप्तान, ऊर्जा विभाग से लेकर परिवहन तक बड़े बदलाव
- प्रशासनिक कसावट या चुनावी तैयारी? 40 वरिष्ठ नौकरशाहों की नई जिम्मेदारी, सुल्तानपुर से आगरा तक अनुभवी अफसरों को मिली कमान
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 की देर रात प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक व्यापक बदलाव करते हुए 40 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बड़े फेरबदल के तहत प्रदेश के 15 महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदल दिया गया है। शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, विकास कार्यों में तेजी लाने और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। तबादलों की इस फेहरिस्त में सुलतानपुर, बुलंदशहर, सहारनपुर, आगरा और लखीमपुर खीरी जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। रविवार की छुट्टी के बावजूद देर रात जारी हुई इस सूची ने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। कई जिलों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को हटाकर अब नई ऊर्जा और अनुभव के साथ नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस प्रशासनिक सर्जरी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में विशेष सचिव ऊर्जा के पद पर तैनात इंद्रजीत सिंह को सुलतानपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, सुलतानपुर में अब तक कमान संभाल रहे कुमार हर्ष को बुलंदशहर का नया डीएम बनाया गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार उन अधिकारियों पर भरोसा जता रही है जो पहले शासन के महत्वपूर्ण विभागों में अपनी क्षमता सिद्ध कर चुके हैं। बुलंदशहर जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी कुमार हर्ष को मिलना उनकी कार्यप्रणाली के प्रति सरकार के विश्वास का संकेत है। इसके अतिरिक्त, श्रावस्ती में अन्नपूर्णा गर्ग और शामली में आलोक यादव को नया जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यह फेरबदल न केवल जिलों की कमान से जुड़ा है, बल्कि शासन स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण विभागों के सचिव बदले गए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। शामली के डीएम रहे अरविंद कुमार चौहान को अब सहारनपुर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई है। वहीं, सहारनपुर के निवर्तमान डीएम मनीष बंसल को ताजनगरी आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। आगरा के जिलाधिकारी रहे अरविंद मल्लप्पा बंगारी को अब मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी रहीं चर्चित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को पदोन्नत करते हुए देवीपाटन मंडल का नया मंडलायुक्त (कमिश्नर) बनाया गया है। उनकी जगह मैनपुरी के डीएम रहे अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
स्थानांतरण सूची के कुछ प्रमुख नाम
सुल्तानपुर: इंद्रजीत सिंह
बुलंदशहर: कुमार हर्ष / कृतिका शर्मा (अपडेटेड)
सहारनपुर: अरविंद कुमार चौहान
आगरा: मनीष बंसल
लखीमपुर खीरी: अंजनी कुमार सिंह
उन्नाव: घनश्याम मीणा
रायबरेली: हर्षिता माथुर
फतेहपुर: निधि गुप्ता वत्स
मैनपुरी: डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी
औरैया: बृजेश कुमार
तबादलों की इस सूची में मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों को भी प्राथमिकता दी गई है। हमीरपुर के डीएम रहे अभिषेक गोयल को रायबरेली की कमान दी गई है, जबकि अमरोहा की डीएम रहीं निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। औरैया के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को अब मैनपुरी जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय जिले की जिम्मेदारी दी गई है। औरैया में उनकी जगह मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव रहे बृजेश कुमार को तैनात किया गया है। शासन स्तर पर भी बड़े बदलाव हुए हैं, जिसमें किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त के पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है, जबकि आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा विभाग और विकास प्राधिकरणों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं। आईएएस नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) का नया प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है। झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे आलोक यादव को अब शामली का जिलाधिकारी बनाया गया है। शासन का मानना है कि विकास प्राधिकरणों में कार्य करने वाले अधिकारियों को जिलों की कमान सौंपने से शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिलेगी। हमीरपुर में अभिषेक गोयल की नियुक्ति और उन्नाव में घनश्याम मीणा को कमान मिलना भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का यह प्रयास है कि जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल केवल रूटीन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आगामी लक्ष्यों और चुनौतियों को देखते हुए की गई एक रणनीतिक तैनाती है। कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सफल कार्यकाल पूरा करने वाले अधिकारियों को अब मंडलायुक्त और सचिव जैसे उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है, जो उनके करियर के लिए भी एक सकारात्मक मोड़ है। आगरा, सहारनपुर और झांसी जैसे जिलों में नए जिलाधिकारियों की नियुक्ति से इन क्षेत्रों के औद्योगिक और पर्यटन विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। शासन ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं ताकि विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए।
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