Madhya Pradesh News: 14 माह से नहीं दिया अंशकालिक कर्मचारियों का वेतन- कर्मचारीयों ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल, दी आत्महत्या की चेतावनी।
बिना वेतन के किया जा रहा कर्मचारियों का शोषण, वेतन मांगने पर दी जा रही काम से निकालने की धमकी, कर्ज में डूब रहे कर्मचारी....
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
Madhya Pradesh News मध्यप्रदेश के बैतूल में छात्रावासों के अंशकालिक कर्मचारियों का खुला शोषण किया जा रहा है आपको बता दें कि कर्मचारी मंच जिला बैतूल अनियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जायज मांगो को लेकर समय-सयम पर ज्ञापन के माध्यम से मांगो को लेकर शासन को अवगत कराता रहा है परन्तु अनियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो की मांगो को आज तक संज्ञान में नही लिया गया है ।
इस बात को लेकर संगठन के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन हड़ताल anishchitakaleen hadtalपर बैठ गए है उनके द्वारा बताया गया कि छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 14 माह से वेतन का भुगतान ही नही किया गया जबकि अंशकालिक कर्मचारियों से समय अनुसार काम लिया जाना चाहिए पर पूरे दिन काम लिया जा रहा है और वेतन की मांग करने पर काम से निकाल देने की धमकी तक दी जा रही है ऐसे में वे लोग कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे है पर इस मामले में कोई अधिकारी न तो संज्ञान ले रहे है न ही किसी तरह का आश्वासन आज तक इन्हें दिया गया।
अब भी अलग मांगे पूरी न हुई तो इस बार कर्मचारियों ने प्रशासन को आत्महत्या की चेतावनी दी है वहीं हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांग है कि
- जिले के जनजातीय कार्य विभाग के अन्तर्गत स्कूल छात्रावास आश्रम में कार्यरत अंशकालीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो को दैनिक वेतन भोगी का दर्ज दिया जावे। एवं शीघ्र आदेश प्रेषित किये जाये
- जिले के जनजातीय कार्य विभाग के अन्तर्गत 2007 के पश्चात् नियुक्त दैनिक वेतन
भोगी कर्मचारियो को शीघ्र स्थाईकर्मी का लाभ दिया जाये। - जिले के आयुष विभाग में कार्यरत् अंशकालीन कर्मचारियों को निर्धारित कलेक्टर दर पर दिया जाए।
- जिले विकासंखड शाहपुर में एकल्वय आवासीय छात्रावास में वर्षों से कार्यरत रसोईयो को दैनिक वेतन भोगी के नियुक्ति आदेश शीघ्र प्रदान किया जाये।
- दैनिक वेतन भोगी एवं अंशकालीन कर्मचारिया का एक हेड से वेतन भुगतान किया जावे एवं अलग-अलग हेड की व्यवस्था शीघ्र समाप्त की जाये।
- जिले नगर पालिका, नगर परिषद् में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियो को स्थाईकर्मी का लाभ दिया जाये। एवं सफाई कर्मी को न्युनतम वेतन का भुगतान किया जाये।
- जिले में अनियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो को नियमित कर्मचारियो की तरह अवकाश सुविधा दी जाये। तथा सेवा निवृत होने पर दस लाख रुपये की ग्रेच्युटी एवं मृत्यु होने पर दस लाख रुपये की सरकारी सहायता प्रदान की जाये।
#मध्यप्रदेश के बैतूल में छात्रावासों के अंशकालिक कर्मचारियों का खुला शोषण किया जा रहा है आपको बता दें कि कर्मचारी मंच जिला बैतूल अनियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जायज मांगो को लेकर समय-सयम पर ज्ञापन के माध्यम से मांगो को लेकर शासन को अवगत कराता रहा है@MPGovt pic.twitter.com/Xbq0Rq8RXy — INA NEWS (Initiate News) (@ina24news) January 23, 2025
अक्षत जैन ( प्रभारी कलेक्टर ) , विनोद कुमार बर्डे ( जिलाध्यक्ष कर्मचारी मंच) , मुन्नी पाल( महिला कर्मचारी)
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