MP: जनजातीय गौरव दिवस पर होनहार खिलाड़ियों का अपमान: बैतूल में सांसद के सामने फुटबॉल स्टार्स की अनदेखी।
मध्यप्रदेश का बैतूल जिला जो कि आदिवासी बाहुल्य जिला है यहाँ जनजातीय जनता की संख्या बहुतायत में है और इन्ही जनजातीय जनता में होनहार प्रतिभाएं भी
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया बैतूल मध्यप्रदेश
- जनजातीय गौरव दिवस पर होनहार खिलाड़ियों का अपमान,कार्यक्रम में बुलाया स्टेज पर नही बुलाया न ही किया गया सम्मानित,खरगोन सांसद के मुख्यातिथ्य में बैतूल पुलिस ग्राउंड में आयोजित किया गया था कार्यक्रम , फुटबॉल खिलाड़ियों की अवहेलना, खेल अधिकारी की पक्षपात पूर्ण रवैये पर उठे सवाल,मुख्य अतिधि खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा प्रभारी मंत्री को कराएंगे मामले से अवगत,खेल अधिकारी और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर बन रही स्थिति चिंताजनक
मध्यप्रदेश का बैतूल जिला जो कि आदिवासी बाहुल्य जिला है यहाँ जनजातीय जनता की संख्या बहुतायत में है और इन्ही जनजातीय जनता में होनहार प्रतिभाएं भी छिपी हुई है जो किसी भी सम्मान के पहले हक़दार है मगर अफसोस कि बात कि बात है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के ग्रह जिले में खेल विभाग और खेल अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा होनहार खिलाड़ी भुगतने को मजबूर है खेल अधिकारी की नजर में कराटे और हॉकी के अलावा कोई प्रतिभा नही है जबकि कुछ दिन पूर्व यहाँ सांसद खेल महोत्सव भी आयोजित किया गया था।
जहाँ पर नंगे पैर खिलाड़ी दौड़ते नजर आए थे इसी से खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चिंता जनक स्थिति नजर आती है ताजा मामला 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में देखने को मिला यहाँ फुटबॉल की नेशनल प्लेयर सरस्वती भलावी जो आसाम में आयोजित टूर्नामेंट में खेल चुकी है बावजूद इसके इनके लौटने पर जिला खेल विभाग द्वारा कोई स्वागत या सम्मान नही दिया गया जबकि 13 नवम्बर को जिला खेल अधिकारी के कार्यालय से 15 नवम्बर जनजातीय कार्यक्रम में सम्मान किये जाने के लिए आमंत्रित किया गया था पर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने के बावजूद भी उन्हें सम्मान के लिए स्टेज पर सम्मान के लिए नही बुलाया गया।
इस मामले को लेकर खेल अधिकारी से बात करनी चाही तो उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया गया वहीं जब कार्यक्रम के मुख्य अतिथि को इस मामले से अवगत करवाया गया तो उनका कहना था कि इस पूरे मामले से प्रभारी मंत्री को अवगत करवाया जाएगा और यह पहली बार है कि खिलाड़ियों का सम्मान इस मंच से किया जा रहा है वहीं स्टेज पर 2 कराटे और एक हॉकी खिलाड़ी को सम्मानित किया जाना जनजातीय खिलाड़ियों के साथ भेदभाव का बड़ा कारण माना जा रहा है खैर अब देखने वाली बात होगी कि प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस मामले में संज्ञान लेकर क्या कार्यवाही करवाते है या इसी तरह आदिवासी प्रतिभा को अपमान झेलना होगा ।
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