Sambhal : मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का कोई सबूत नहीं - बर्क का CM योगी पर सीधा हमला
बर्क ने साफ कहा कि किसी भी मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने का आज तक कोई सबूत, कोई रिपोर्ट या रिसर्च सामने नहीं आई है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई आधिकारिक रिपोर्ट है तो
सम्भल से सियासी संग्राम तेज, बयान बनाम जवाब का दौर शुरू
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल को लेकर Yogi Adityanath के बयान पर सियासत गरमा गई है। सपा सांसद Ziaur Rahman Barq ने सीएम के दावों को “पूरी तरह बेबुनियाद” बताते हुए तीखा पलटवार किया है।
बर्क ने साफ कहा कि किसी भी मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने का आज तक कोई सबूत, कोई रिपोर्ट या रिसर्च सामने नहीं आई है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई आधिकारिक रिपोर्ट है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
500 साल पुरानी बातें क्यों, आज के मुद्दों पर जवाब दें
सपा सांसद ने कहा कि 500 साल पुराने इतिहास की बात करने के बजाय सरकार को आज के मुद्दों बेरोजगारी, महंगाई और अपराध पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के बयान दिए जाते हैं।
दंगों पर भी घमासान - नुकसान हमेशा दोनों पक्षों का होता है
1976-78 के सम्भल दंगों को लेकर सीएम के बयान पर बर्क ने कहा कि ऐसा कोई दंगा नहीं जहां सिर्फ एक वर्ग प्रभावित हुआ हो। हिंदू भी मरे, मुस्लिम भी मरे - दंगा हमेशा दोनों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने यह भी कहा कि केस वापस लेने की प्रक्रिया हर सरकार में होती है और बीजेपी सरकार को भी अपने फैसलों पर जवाब देना चाहिए।
कानून का हवाला — ‘Places of Worship Act’ का जिक्र
बर्क ने Places of Worship Act 1991 का हवाला देते हुए कहा कि 1947 से पहले के सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति को बदलना कानूनन मना है।
धर्म नहीं, विकास पर हो फोकस
बर्क ने अंत में कहा कि देश को धार्मिक विवादों में उलझाने के बजाय सरकार को बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि 140 करोड़ लोगों के विकास पर ध्यान देना ही असली राजनीति होनी चाहिए।
सम्भल पर बयानबाजी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ सरकार इतिहास का हवाला दे रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष सबूत और वर्तमान मुद्दों की बात कर रहा है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत दे रहा है।
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