Sambhal : गंगा की लहरों ने छीना गरीब महिला का आशियाना, अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर, प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
भूदेवी का घर गंगा के बढ़ते जलस्तर और बढ़ती धारा से प्रभावित बांध के काफी नजदीक स्थित था। पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था और मंगलवार देर रात अचानक आई लहरों ने घर
Report : उवैस दानिश, सम्भल
जनपद सम्भल के विकासखंड गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बसे गांव रानीगंज मजरा शाहजहानाबाद में एक गरीब महिला का सपना तबाह हो गया जब गंगा के पानी के कारण उसका मकान भरभरा कर गिर गया। गंगा के उफान ने भूदेवी पत्नी अमर सिंह का वह छोटा सा घर छीन लिया, जिसे उसने वर्षों की मेहनत-मजदूरी करके बनाया था। अब महिला और उसका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
भूदेवी का घर गंगा के बढ़ते जलस्तर और बढ़ती धारा से प्रभावित बांध के काफी नजदीक स्थित था। पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था और मंगलवार देर रात अचानक आई लहरों ने घर की नींव कमजोर कर दी। सुबह होते-होते पूरा मकान भरभरा कर ढह गया।
हादसे में भूदेवी और उसके परिजन बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी सारी गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। भूदेवी ने बताया कि उसने मजदूरी करके बड़ी मुश्किल से यह मकान बनाया था। अब घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है और रहने के लिए कोई भी जगह नहीं बची है। बारिश और ठंडी हवाओं के बीच परिवार का जीवन संकट में है।
महिला ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर प्राकृतिक आपदा राहत कोष या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि वह फिर से अपने परिवार के लिए एक छोटा सा मकान बना सके। भूदेवी का कहना है कि सरकार से उसे उम्मीद है कि उसके हालात को देखते हुए तत्काल सहायता दी जाएगी। जिला प्रशासन गंगा किनारे बसे परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीण अब हर पल गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से राहत व मदद की आस लगाए बैठे हैं।
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