By INA News Sambhal.
Sambhal Violence Updates..
संभल बवाल के दूसरे दिन सोमवार को शांति के बीच पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत 2750 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जियाउर्रहमान और सुहेल इकबाल पर बलवा कराने की साजिश का आरोप है। वहीं दो महिलाओं समेत 25 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया। सीओ, पीआरओ और दो दरोगा की तहरीर पर संभल कोतवाली में पांच और नखासा थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई है। दूसरे दिन भी संभल में इंटरनेट सेवा बंद रही। रविवार की सुबह कोर्ट कमिश्नर जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुंचे तो मस्जिद के आसपास भीड़ एकत्र हो गई थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया तो बवाल शुरू हो गया।
दूसरे दिन सोमवार को संभल में शांति रही। चाैक चाैराहों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह पूरा बवाल साजिशन कराया गया है। भीड़ को उकसाकर बवाल कराया गया है। कहा कि उपद्रवियों की पहचान कराई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन से लिए गए फोटो व वीडियो को देखा जा रहा है। बवाल करने के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो महिला समेत 25 लोग गिरफ्तार किया गया है। संभल एसपी के मुताबिक इस बवाल को लेकर सदर कोतवाली और नखासा थाने में भी मारपीट और पथराव के मामले में 21 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उधर, जामा मस्जिद के सदर ने प्रेस कांफ्रेंस कर एसडीएम पर उपद्रव करने का आरोप लगाया है।
आरोप लगाया कि सीओ और एसडीएम की वजह से मस्जिद के बाहर उपद्रव हुआ। उन्होंने इन दोनों अधिकारियों को शहर की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया। कहा कि सर्वे के दौरान एसडीएम मस्जिद में वुजू का पानी निकालने पर अड़े थे। इसकी सूचना बाहर आई तो लोग आक्रोशित हो गए। इसके बाद पुलिस ने सदर और एडवोकेट जफर अली ने को भी हिरासत में ले लिया है। बता दें कि रविवार की सुबह संभल के जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की टीम पहुंची थी। भारी सुरक्षा के बीच पहुंची इस टीम ने सर्वे तो कर लिया, लेकिन इसी बीच मस्जिद के बाहर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते भीड़ ने मौके पर तैनात पुलिस पार्टी पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। बवाल के दूसरे दिन सोमवार को शहर में तनावपूर्ण शांति रही। बाजार पर भी बवाल का साफ असर दिखाई दिया।
एक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर बाजार में सभी दुकानें बंद रहीं और सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि मुख्य मार्गों पर व्यस्तता नजर आई। शहर में जगह-जगह और मुख्य चौराहों पर पुलिस का पहरा रहा। बवाल के चलते दूसरे दिन भी इंटरनेट सेवा बंद रही। चूंकि सर्वे के लिए यह टीम सुबह सात बजे ही पहुंच गई थी और 10 बजे तक सर्वे कर वहां से निकल भी गई थी। ऐसे में दंगाइयों ने बाद में यहां पथराव और फायरिंग की है। पुलिस के मुताबिक दंगाई अलग अलग ग्रुपों में तीन रास्ते से आए। ये लोग अपने बचाव के लिए बच्चों और महिलाओं को आगे करके पहुंचे थे और उनके पीछे से पत्थर फेंक रहे थे। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के मुताबिक छतों से भी पथराव और फायरिंग किया गया है।
हालात नियंत्रण से बाहर जाते देख पुलिस ने भी लाठियां भांजी और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं सीओ और एसपी के पीआरओ को गोली लगी है। वहीं पथराव के दौरान भी दर्जनों पुलिसकर्मी और अन्य लोग लोग घायल हो गए। पुलिस और प्रशासन का दावा है कि इस घटना की साजिश पहले से ही रची गई थी। अराजक तत्वों की तैयारी थी कि किसी भी हाल में सर्वे टीम को मस्जिद के अंदर घुसने नहीं देना है। उन्हें उम्मीद थी कि सर्वे टीम 10 बजे के बाद आएगी।
बकौल अफसर...
रविवार का बवाल रातोंरात की साजिश लगती है। इसकी जांच की जा रही है। जो भी इस बवाल का साजिशकर्ता है या इस बवाल में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो निर्दोष है उसको डरने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम संभल
सांसद को नोटिस दिया गया था लेकिन उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी की। इसलिए उन्हें उकसाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल