Sitapur : नंदनी गौशाला परसदा में संख्या को लेकर संदेह, निरीक्षण से पहले पूरी कर दी जाती है गिनती।
गौशाला में नर व मादा गौवंशों को अलग-अलग रखा गया है। देखभाल के लिए पांच केयर टेकर अलग-अलग पालियों में कार्यरत हैं। चारे के नाम पर गन्ना, हरी करबी और घा
मछरेहटा- सीतापुर : विकास खण्ड मछरेहटा की ग्राम पंचायत परसदा स्थित नंदनी गौशाला में गौवंशों की संख्या को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन के अभिलेखों में गौशाला की क्षमता 150 गौवंश बताई गई है, जबकि वर्तमान समय में 270 गौवंश दर्ज दिखाए जा रहे हैं। मौके पर देखने पर करीब 150 से अधिक पशु दिखाई नहीं दिए।
गौशाला में नर व मादा गौवंशों को अलग-अलग रखा गया है। देखभाल के लिए पांच केयर टेकर अलग-अलग पालियों में कार्यरत हैं। चारे के नाम पर गन्ना, हरी करबी और घास खरीदी जाती है। गौवंशों की कमजोर सेहत देखकर साफ झलकता है कि परवरिश में कमी है। केयर टेकर रवि ने बताया कि “वर्तमान में गौवंश कम हैं, लेकिन जब कोई अधिकारी निरीक्षण करने आता है तो संख्या पूरी कर दी जाती है। निरीक्षण की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिससे कमियों को अस्थायी रूप से दूर कर लिया जाता है।”
वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि “प्रति गौवंश ₹50 की दर से शासन से धनराशि प्राप्त होती है और उसी के अनुसार कार्य किया जाता है।”
गौशाला में वास्तविक संख्या और अभिलेखों में दर्ज संख्या के बीच का अंतर प्रशासनिक निगरानी की कमी की ओर संकेत करता है। स्थानीय ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि गौशाला का अचानक निरीक्षण कर सच्चाई सामने लाई जाए।
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