Sitapur : ग्रामीणों ने कुत्तों के हमले से बचाई नीलगाय की जान, पेश की मानवता की मिसाल
नीलगाय की आवाज सुनकर समर बहादुर, अमित यादव, भीमकरन यादव, आशीष यादव, अमरेश राजपूत और वीरु यादव सहित कई ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए लाठी-डंडों के सहारे कुत्तों को भगाया और नीलगाय को उनके
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर के भवानीपुर गांव में ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक बेजुबान नीलगाय को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। गांव के पास स्थित जंगली इलाके में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने नीलगाय को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों से जान बचाकर भागने के दौरान नीलगाय पास के एक तालाब में गिर गई। पानी में फंस जाने के कारण कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोंच लिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
नीलगाय की आवाज सुनकर समर बहादुर, अमित यादव, भीमकरन यादव, आशीष यादव, अमरेश राजपूत और वीरु यादव सहित कई ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए लाठी-डंडों के सहारे कुत्तों को भगाया और नीलगाय को उनके चंगुल से मुक्त कराया। ग्रामीणों ने बताया कि अगर वे समय पर नहीं पहुंचते, तो कुत्ते उसे मार डालते। सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों ने घायल नीलगाय को तालाब के पास एक सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसे चारा-पानी दे रहे हैं।
वन विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नीलगाय के शरीर पर गहरे घाव हैं, इसलिए उसे तुरंत इलाज की आवश्यकता है। वन विभाग की टीम के आने के बाद नीलगाय का उपचार कराया जाएगा और पूरी तरह ठीक होने पर उसे वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। इस सराहनीय कार्य के लिए पूरे इलाके में ग्रामीणों की प्रशंसा हो रही है, वहीं बेसहारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।
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