Trending: युवक-युवतियों की मारपीट का वायरल वीडियो, महिला सुरक्षा पर सवाल, रायपुर में जन्मदिन पार्टी के बाद सड़क पर बवाल। 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 5 जून 2025 की देर रात एक चौंकाने वाली घटना ने शहर को सुर्खियों में ला दिया। डीडी नगर थाना क्षेत्र के...

Jun 7, 2025 - 18:27
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Trending: युवक-युवतियों की मारपीट का वायरल वीडियो, महिला सुरक्षा पर सवाल, रायपुर में जन्मदिन पार्टी के बाद सड़क पर बवाल। 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 5 जून 2025 की देर रात एक चौंकाने वाली घटना ने शहर को सुर्खियों में ला दिया। डीडी नगर थाना क्षेत्र के महादेव घाट इलाके में जन्मदिन पार्टी से लौट रही कुछ युवतियों पर स्थानीय युवकों ने हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने न केवल रायपुर में महिला सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया, बल्कि पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।

5 जून 2025 की रात, रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में महादेव घाट के पास एक जन्मदिन पार्टी से लौट रही कुछ युवतियों, जो बिलासपुर और कोरबा से थीं, पर अज्ञात युवकों ने हमला कर दिया। यह घटना तब शुरू हुई जब युवकों ने युवतियों के कपड़ों और व्यवहार पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर स्थिति बिगड़ गई, और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान एक युवती की उंगली को दांत से काट लिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अन्य युवतियों को भी पीठ, कोहनी, आंख, नाक, और कान में चोटें आईं। कुछ खबरों के अनुसार, युवकों ने बांस और डंडों का उपयोग भी किया।

इस मारपीट का वीडियो, जो संभवतः किसी साथी या आसपास मौजूद व्यक्ति ने बनाया, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में युवक और युवतियां एक-दूसरे पर हमला करते और गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। यह घटना आधी रात को एक सुनसान इलाके में हुई, जिसने इसे और भी गंभीर बना दिया। स्थानीय लोगों और एक रैपिडो ड्राइवर ने बीच-बचाव की कोशिश की, जिसके बाद युवक मौके से फरार हो गए।

इस घटना का तात्कालिक कारण युवकों द्वारा युवतियों पर की गई छींटाकशी थी। खबरों के अनुसार, युवतियां जन्मदिन की पार्टी से लौट रही थीं और महादेव घाट के पास रुकी थीं, संभवतः कैब का इंतजार कर रही थीं। इस दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उनके कपड़ों और व्यवहार पर टिप्पणी की, जिसे युवतियों ने नजरअंदाज करने की बजाय इसका विरोध किया। जवाब में युवकों ने मारपीट शुरू कर दी, और स्थिति अनियंत्रित हो गई।

इस घटना के पीछे कई सामाजिक और सांस्कृतिक कारक भी हो सकते हैं। रायपुर जैसे शहरों में, जहां आधुनिकता और परंपरागत मूल्यों का मिश्रण देखने को मिलता है, युवतियों की स्वतंत्रता और उनके कपड़ों को लेकर अक्सर विवाद हो जाते हैं। कुछ लोग इसे नैतिकता का मुद्दा बनाते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। इसके अलावा, रात के समय सुनसान इलाकों में सुरक्षा की कमी और पुलिस गश्त का अभाव भी इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देता है।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद डीडी नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पीड़ित युवतियों ने थाने में शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि वीडियो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी, और हमले का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित हमला प्रतीत होता है, न कि आपसी रंजिश का परिणाम।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दोनों पक्षों ने जवाबी कार्रवाई की थी, यानी युवतियों ने भी युवकों पर हमला किया था। फिर भी, युवतियों की शिकायत को प्राथमिकता दी गई क्योंकि उनके साथ छेड़छाड़ और गंभीर मारपीट की बात सामने आई थी। इस घटना ने रायपुर में रात के समय गश्त और महिला सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया।

सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया। कुछ यूजर्स ने इसे रायपुर में बढ़ती गुंडागर्दी और महिला असुरक्षा का उदाहरण बताया, जबकि अन्य ने दोनों पक्षों के व्यवहार पर सवाल उठाए। एक्स पर एक यूजर ने लिखा, "लड़कियों को आई चोट, लेकिन दोनों गुटों में किसी ने FIR नहीं की। @RaipurPoliceCG मामले को संज्ञान में ले।" एक अन्य पोस्ट में इसे "वॉलीबॉल खिलाड़ी युवतियों पर हमला" बताया गया, जिससे इस घटना को और सनसनीखेज बनाया गया।

सोशल मीडिया ने इस घटना को तूल देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन इसने पुलिस पर दबाव भी डाला कि वह जल्द से जल्द कार्रवाई करे। कई लोगों ने इस घटना को शहर में बढ़ते अपराध और असामाजिक तत्वों की सक्रियता से जोड़ा। कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रायपुर जैसे शहर अब रात में महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रहे।

यह घटना रायपुर में महिला सुरक्षा के मुद्दे को फिर से सामने लाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी होने के बावजूद, रायपुर में रात के समय सुनसान इलाकों में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस घटना में युवतियों पर हमला और छेड़छाड़ ने यह स्पष्ट किया कि शहर में रात के समय गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, यह घटना सामाजिक मानसिकता पर भी सवाल उठाती है। युवतियों के कपड़ों और उनके देर रात बाहर होने पर टिप्पणी करना एक गहरी सामाजिक समस्या को दर्शाता है, जहां महिलाओं की स्वतंत्रता को अक्सर नैतिकता के चश्मे से देखा जाता है। इस तरह की मानसिकता को बदलने के लिए जागरूकता अभियानों और शिक्षा की आवश्यकता है।

कानूनी दृष्टिकोण से, इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 294 (अश्लील कृत्य), और धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यदि हमलावरों की पहचान हो जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव है। इसके अलावा, गंभीर चोटों के कारण धारा 325 (गंभीर चोट) भी जोड़ी जा सकती है।

सामाजिक दृष्टिकोण से, यह घटना युवाओं में बढ़ती आक्रामकता और असहिष्णुता को दर्शाती है। शराब के नशे में कुछ युवकों का शामिल होना भी एक चिंता का विषय है, क्योंकि नशा अक्सर ऐसी हिंसक घटनाओं का कारण बनता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को न केवल सख्ती बरतनी होगी, बल्कि सामुदायिक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाने होंगे।

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यह घटना रायपुर पुलिस के लिए एक सबक है कि शहर में रात के समय गश्त बढ़ाने और सुनसान इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन और त्वरित प्रतिक्रिया दल (rapid response teams) की स्थापना होनी चाहिए। पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, भले ही औपचारिक शिकायत दर्ज न हो। इस मामले में, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन यदि शुरुआती गश्त मजबूत होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।

यह घटना हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है। युवतियों के कपड़ों या उनके देर रात बाहर होने पर टिप्पणी करने की प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जेंडर सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम चलाए जाने चाहिए। साथ ही, युवाओं में नशे की लत को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और काउंसलिंग सेंटर स्थापित किए जाने चाहिए। रायपुर के महादेव घाट इलाके में हुई इस मारपीट की घटना ने शहर में महिला सुरक्षा और सामाजिक व्यवहार के कई पहलुओं को उजागर किया। जन्मदिन पार्टी से लौट रही युवतियों पर हमला और उसके बाद हुई हिंसक झड़प ने यह दिखाया कि रायपुर जैसे शहरों में अभी भी रात के समय सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया, जिससे पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ा।

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