Ayodhya : राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट से पुरातात्विक साक्ष्य वापस लेने की योजना बना रहा

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि फैसला अंतिम हो चुका है और अब इसे चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा। इसलिए इन प्रमाणों को मंदिर परिसर में

Dec 14, 2025 - 21:19
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Ayodhya : राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट से पुरातात्विक साक्ष्य वापस लेने की योजना बना रहा
Ayodhya : राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट से पुरातात्विक साक्ष्य वापस लेने की योजना बना रहा

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आधार बने पुरातात्विक और ऐतिहासिक प्रमाणों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। ये सभी साक्ष्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खुदाई से मिले थे और फिलहाल कोर्ट की हिफाजत में हैं। ट्रस्ट अदालत को पत्र लिखकर इनको सौंपने की अपील करेगा।

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि फैसला अंतिम हो चुका है और अब इसे चुनौती देने वाला कोई नहीं बचा। इसलिए इन प्रमाणों को मंदिर परिसर में रखना ठीक रहेगा। इन साक्ष्यों को यहां बन रहे संग्रहालय में रखा जाएगा। इससे आने वाले भक्त और अध्ययन करने वाले लोग राम जन्मभूमि के इतिहास को करीब से समझ सकेंगे। संग्रहालय में रामायण की घटनाओं पर आधारित अलग-अलग दीर्घाएं बनाई जा रही हैं। इन दीर्घाओं की प्रस्तुति और निर्माण के लिए आईआईटी चेन्नई के साथ समझौता हो रहा है। नई तकनीक से रामायण के प्रसंगों को जीवंत तरीके से दिखाया जाएगा। हनुमान जी की भूमिका को भी विशेष तकनीक से प्रदर्शित किया जाएगा।

दीर्घाओं का काम तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। संग्रहालय में दुनिया भर से उपलब्ध पुरानी रामायण की प्रतियां भी जमा की जाएंगी। वाल्मीकि रामायण की प्राचीन प्रति को गर्भगृह में रखने के लिए वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय से बात चल रही है। ट्रस्ट का मानना है कि यह प्रयास सिर्फ श्रद्धा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे रामायण और राम मंदिर का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पुरातात्विक महत्व आने वाली नस्लों तक पहुंचेगा।

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