Sambhal: मुर्शिदाबाद हिंसा पर बर्क का बड़ा हमला- पहले खुद झांकें, फिर दूसरों पर उठाएं उंगली।
असम में मुस्लिम विधायकों पर उठे सवालों को बताया बेबुनियाद, बंगाल में बीजेपी की जीत पर भी खड़े किए सवाल
उवैस दानिश, सम्भल
असम में मुस्लिम विधायकों पर उठे सवालों को बताया बेबुनियाद, बंगाल में बीजेपी की जीत पर भी खड़े किए सवाल
सम्भल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यालय में हुई तोड़फोड़ को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। बर्क ने कहा कि जब भी कोई गलत घटना होती है, बीजेपी उसे विपक्ष पर थोपने की कोशिश करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब सरकार ममता बनर्जी की थी तब भी आरोप उन्हीं पर लगाए जाते थे, और अब सरकार बदलने के बाद भी वही सिलसिला जारी है।
बर्क ने कहा कि किसी पार्टी के कार्यालय में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जो लोग दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं, कहीं न कहीं खुद भी उसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बीजेपी को नसीहत दी कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपनी कार्यशैली पर ध्यान दे। असम में कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों को लेकर उठे सवालों पर बर्क ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव को धर्म के चश्मे से देखना गलत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद सम्भल से सांसद हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ मुस्लिम समाज ही नहीं बल्कि सभी वर्गों का समर्थन मिला है। बर्क ने साफ कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहां “मुस्लिम पार्टी” जैसी कोई अवधारणा नहीं है। वहीं पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत पर भी बर्क ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोट प्रतिशत में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन एसआईआर (SIR) और लाखों वोटरों के नाम सूची से हटने जैसे मुद्दों ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक करीब 27 लाख वोटरों के मुद्दे ने बड़ा असर डाला, जिससे सत्ता परिवर्तन संभव हुआ। बर्क ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राजनीतिक हालात बदलेंगे और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से देखने को मिलेगी।
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