बम का ईमेल मिलने के बाद आपात लैंडिंग, मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की कुवैत-हैदराबाद फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग।
भारत के हवाई अड्डों पर बम धमकियों की घटनाओं में वृद्धि के बीच 02 दिसंबर 2025 को कुवैत से हैदराबाद जा रही इंडिगो एयरलाइंस की
भारत के हवाई अड्डों पर बम धमकियों की घटनाओं में वृद्धि के बीच 02 दिसंबर 2025 को कुवैत से हैदराबाद जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6ई-1234 को एक गंभीर ईमेल धमकी के बाद मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह घटना सुबह के समय हुई, जब फ्लाइट भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी, और हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक विस्तृत ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि विमान पर एक 'ह्यूमन बम' सवार है। धमकी की गंभीरता को देखते हुए हैदराबाद हवाई अड्डे के अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए, और फ्लाइट को हैदराबाद के बजाय मुंबई डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया। फ्लाइट, जो एक एयरबस ए321-251एनएक्स विमान पर संचालित हो रही थी, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सुबह 1:56 बजे रवाना हुई थी और मूल रूप से हैदराबाद में 8:10 बजे लैंड करने वाली थी। मुंबई में सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान को अलग-थलग बे में ले जाया गया, जहां सुरक्षा दल ने व्यापक जांच शुरू की। सभी 228 यात्रियों और 6 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, और प्रारंभिक जांच में धमकी को धोखा साबित होने के संकेत मिले हैं।
घटना की शुरुआत हैदराबाद हवाई अड्डे पर सुबह के समय हुई, जब हवाई अड्डे के ईमेल पते पर एक अनाम प्रेषक से एक विस्तृत संदेश प्राप्त हुआ। ईमेल में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि फ्लाइट पर एक विस्फोटक उपकरण या 'ह्यूमन बम' मौजूद है, जो यात्रियों और विमान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। हैदराबाद हवाई अड्डे के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना इंडिगो एयरलाइंस के संचालन केंद्र, सिविल एविएशन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और अन्य संबंधित एजेंसियों को दी। प्रोटोकॉल के अनुसार, फ्लाइट को मूल गंतव्य पर लैंड करने की अनुमति न देकर निकटतम वैकल्पिक हवाई अड्डे पर डायवर्ट करने का फैसला लिया गया। मुंबई हवाई अड्डा इस मामले में उपयुक्त विकल्प साबित हुआ, क्योंकि यह फ्लाइट के मार्ग पर था और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। इसी प्रकार, दिल्ली हवाई अड्डे को भी एक समान ईमेल प्राप्त हुआ, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ गई। फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइट रडार24 के अनुसार, विमान ने भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही दिशा बदली और सुबह 7:40 से 7:45 बजे के बीच मुंबई में लैंड कर लिया।
मुंबई हवाई अड्डे पर लैंडिंग के तुरंत बाद पूर्ण आपातकालीन प्रक्रिया शुरू हो गई। विमान को रनवे से हटाकर एक अलग-थलग क्षेत्र में ले जाया गया, जहां बम डिस्पोजल स्क्वायड, कैनाइन यूनिट, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमों ने तैनाती की। सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतारा गया और उन्हें हवाई अड्डे के एक सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया, जहां प्राथमिक चिकित्सा और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई। क्रू सदस्यों को भी पूर्ण सहयोग दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की पूरी तलाशी ली, जिसमें सीटों, सामान, केबिन और कार्गो क्षेत्र शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, कोई संदिग्ध वस्तु या खतरा नहीं मिला, और धमकी को एक झूठी सूचना के रूप में वर्गीकृत किया गया। हालांकि, जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं, जिसमें आईपी ट्रैकिंग, ईमेल हेडर्स का विश्लेषण और संभावित साइबर ट्रेल्स की जांच शामिल है। हैदराबाद हवाई अड्डे ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी धमकियों से निपटा जा सके।
यह घटना हाल के महीनों में भारतीय हवाई अड्डों पर प्राप्त हो रही बम धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा लगती है, जहां अधिकांश धमकियां ईमेल या फोन कॉल के माध्यम से आ रही हैं। उदाहरण के लिए, 23 नवंबर 2025 को बहरीन से हैदराबाद आ रही एक अन्य फ्लाइट को भी इसी प्रकार की धमकी मिली थी, जिसके बाद उसे मुंबई डायवर्ट करना पड़ा था। उस मामले में भी धमकी ईमेल के जरिए आई थी, जिसमें विमान पर विस्फोटक होने का दावा किया गया था। जांच में वह भी धोखा साबित हुई, और पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया। इसी तरह, मई 2025 में मुंबई के सहार हवाई अड्डे पर एक फोन कॉल के माध्यम से इंडिगो फ्लाइट को धमकी मिली थी, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर हमलों के बाद आई थी। इन घटनाओं में सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हुईं, लेकिन कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया। इन धमकियों का उद्देश्य हवाई यात्रा को बाधित करना, संसाधनों का दुरुपयोग और यात्रियों में भय पैदा करना माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी धोखा धमकियां साइबर अपराधियों या असंतुष्ट तत्वों द्वारा की जाती हैं, जो ईमेल के माध्यम से आसानी से भेजी जा सकती हैं।
इंडिगो एयरलाइंस ने घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि फ्लाइट की डायवर्शन और लैंडिंग सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप हुई, और सभी यात्रियों तथा क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया, और वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी देने का वादा किया। मूल रूप से फ्लाइट पर 228 यात्री सवार थे, जो ज्यादातर प्रवासी श्रमिक, व्यापारी और पर्यटक थे, जो कुवैत से हैदराबाद लौट रहे थे। लैंडिंग के बाद यात्रियों को रिफ्रेशमेंट प्रदान किया गया, और कुछ को बाद में वैकल्पिक फ्लाइट्स से हैदराबाद भेजा गया। मुंबई हवाई अड्डे ने भी अपनी ओर से पूर्ण सहयोग दिया, और हवाई अड्डे के संचालन में कोई बड़ी बाधा नहीं आई। हालांकि, इस घटना से हवाई यात्रा में सुरक्षा जांचों की अवधि बढ़ सकती है, जो यात्रियों के लिए असुविधा पैदा कर सकती है। सिविल एविएशन मंत्रालय ने सभी हवाई अड्डों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है, ताकि ऐसी धमकियों का त्वरित जवाब दिया जा सके।
धमकी ईमेल की प्रकृति विस्तृत थी, जिसमें फ्लाइट नंबर, प्रस्थान और आगमन समय का उल्लेख था, जो इसे विशिष्ट बनाता था। प्रेषक ने आउटलुक.कॉम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग किया, जो ट्रैकिंग को कठिन बनाता है। हैदराबाद हवाई अड्डे के एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशन सेंटर (एपीओसी) ने ईमेल को तुरंत जीएमआर ग्रुप कस्टमर सपोर्ट को फॉरवर्ड किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी हो गया। दिल्ली हवाई अड्डे को प्राप्त समान ईमेल ने भी जांच को व्यापक बनाया। सुरक्षा एजेंसियां अब साइबर फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग कर रही हैं, ताकि प्रेषक का आईपी पता, डिवाइस जानकारी और संभावित लोकेशन का पता लगाया जा सके। इस प्रकार की धमकियां अक्सर विदेशी सर्वरों से भेजी जाती हैं, जो जांच को जटिल बनाती हैं। पुलिस ने आधिकारिक गोपनीयता और साइबर अपराध कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है, और जांच जारी है।
यह घटना भारतीय विमानन क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है, जहां 2025 में अब तक दर्जनों बम धमकियां प्राप्त हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में धमकियां धोखा साबित हुईं, लेकिन प्रत्येक बार पूर्ण जांच आवश्यक हो जाती है, जो संसाधनों का भारी खर्च करती है। सिविल एविएशन सुरक्षा ब्यूरो ने सभी एयरलाइंस को ईमेल फिल्टर्स मजबूत करने और संदिग्ध संदेशों की तत्काल रिपोर्टिंग का निर्देश दिया है। इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइन, जो देश की सबसे बड़ी घरेलू वाहक है, ने भी अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। यात्रियों के लिए यह घटना एक याद दिलाती है कि हवाई यात्रा में सुरक्षा प्राथमिकता है, और ऐसी धमकियों से निपटने के लिए बहु-स्तरीय प्रोटोकॉल मौजूद हैं। फ्लाइट की डायवर्शन से हैदराबाद पहुंच में देरी हुई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित पहुंच गए।
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