सुंदरगढ़ में बाढ़ का कहर- सफी नदी में ट्रेलर ट्रक बहा, चालक लापता, 170 से अधिक गांव जलमग्न।
Viral News: ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में 25 और 26 अगस्त 2025 को हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। बरगांव पुलिस स्टेशन के तहत सहजबाहाल क्षेत्र में सफी नदी पर बने एक पुल को पार करते समय
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में 25 और 26 अगस्त 2025 को हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई। बरगांव पुलिस स्टेशन के तहत सहजबाहाल क्षेत्र में सफी नदी पर बने एक पुल को पार करते समय एक कोयला लदा ट्रेलर ट्रक बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। इस घटना में ट्रक चालक सुजीत ऐंड लापता हो गया, जबकि ट्रक के सहायक अविनाश बराला को अग्निशमन कर्मियों ने बचा लिया। यह हादसा मोबाइल कैमरे में कैद हो गया, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है। इस बारिश के कारण उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कटक, और सुंदरगढ़ सहित कई जिलों में 170 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं।
सुंदरगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण सफी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था। सहजबाहाल क्षेत्र में स्थित पुल पहले से ही खराब हालत में था और भारी वाहनों के लिए असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद, ट्रक चालक ने पुल पार करने की कोशिश की, और तेज बहाव ने ट्रक को नदी में बहा दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और ट्रक के सहायक को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन चालक का अब तक कोई पता नहीं चला। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लापता चालक की तलाश में जुटी हैं, लेकिन भारी बारिश और नदी का तेज बहाव बचाव कार्यों में बाधा डाल रहा है।
उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बालासोर जिले के बालियापाल, भोगराई और जालेश्वर ब्लॉक में 130 से अधिक गांव सुबरनरेखा नदी के बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। जाजपुर जिले में बैतरणी नदी और उसकी सहायक नदी कानी के तटबंध में 30 मीटर की दरार के कारण 45 गांव जलमग्न हो गए हैं। भद्रक जिले के धामनगर और भंडारीपोखरी ब्लॉक भी प्रभावित हैं। सुंदरगढ़ और कियॉन्झर जिले के कुछ गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जाजपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “बैतरणी नदी के कानी तटबंध में दरार ने जाजपुर में स्थिति को गंभीर बनाया है। हम प्रभावित लोगों को भोजन और आश्रय प्रदान कर रहे हैं।”
मौसम विभाग ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह 5:30 बजे बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बना, जो अगले 48 घंटों में और तीव्र हो सकता है। इसकी वजह से 26 और 27 अगस्त को कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है, और 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है। नव रंगपुर, कालाहांडी, रायगढ़, कंधमाल और गजपति जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, धेनकनाल, कियॉन्झर, मयूरभंज, सोनपुर, बौध, नुआपाड़ा और बलांगीर जैसे जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
सुंदरगढ़ में पहले से ही बारिश ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है। हेमगिरी और लेफ्रीपारा ब्लॉक के गांवों में पानी भर गया है, जिससे आवागमन ठप हो गया है। लेफ्रीपारा ब्लॉक के दारलीपाली गांव में सड़कें पानी में डूब गई हैं, और हेमगिरी ब्लॉक में मनोहरपुर-सर्बाहाल मार्ग बह गया है। एनटीपीसी दारलीपाली थर्मल पावर प्लांट के कारण जल निकासी की समस्या बढ़ गई है, जिससे सड़कों, घरों और दुकानों में घुटने तक पानी भर गया है। डिब्रिमाल गांव में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और स्थानीय सरपंच ने शुक्रवार रात से ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने और तेज बहाव में न जाने की सलाह दी है।
बालासोर जिले में सुबरनरेखा नदी का जलस्तर राजघाट में 26 अगस्त की सुबह 10.70 मीटर था, जो खतरे के निशान 10.36 मीटर से ऊपर था। हालांकि, मंगलवार शाम तक नदी का जलस्तर कम होने लगा। बैतरणी नदी का जलस्तर भी अखियापड़ा में खतरे के निशान के करीब था, लेकिन यह भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। अन्य नदियों का जलस्तर भी घट रहा है, जिससे कुछ राहत की उम्मीद है। फिर भी, मौसम विभाग की चेतावनी के कारण प्रशासन सतर्क है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। बालासोर में 3,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और 17 राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा सहायता दी जा रही है। जाजपुर में 40 से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं, और वहां भी बचाव कार्य चल रहे हैं। सुंदरगढ़ में लापता चालक की तलाश के लिए एनडीआरएफ और अग्निशमन टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। ओडिशा के राज्यपाल को बताया गया कि बालासोर, जाजपुर, भद्रक, कियॉन्झर, मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिले इस बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने अधिकारियों से जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने को कहा।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोग चिंता जता रहे हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा, “सुंदरगढ़ में सफी नदी में ट्रक बहने का वीडियो देखकर डर लगता है। प्रशासन को ऐसे खतरनाक पुलों की मरम्मत जल्द करनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “ओडिशा में बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। सरकार को स्थायी समाधान ढूंढना होगा।” ये टिप्पणियां लोगों के डर और प्रशासन से बेहतर準備 की उम्मीद को दर्शाती हैं।
इस बाढ़ ने ओडिशा में पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहे किसानों की स्थिति को और खराब कर दिया है। बालियापाल ब्लॉक के मधुपुरा गांव के निवासी सुदर्शन साहू ने बताया, “हमारे धान के खेत पानी में डूब गए। यह हमारी आय का एकमात्र साधन था। अब हम नहीं जानते कि कैसे गुजारा करेंगे।” कई किसानों ने सब्जियों की फसलों के नुकसान की भी शिकायत की है। ग्रामीणों ने पीने के पानी की कमी और पानी जनित बीमारियों के खतरे की चिंता जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश का पैटर्न बदल रहा है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। सुंदरगढ़ में सफी नदी पर बना पुल कई वर्षों से कमजोर था, और इसकी मरम्मत में देरी ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता सीएस पाढ़ी ने बताया कि उत्तरी ओडिशा की नदियों में बारिश का प्रभाव कम हुआ है, लेकिन दक्षिणी ओडिशा की बनसधारा, नागाबली और कोलाब नदियों के बेसिन में अतिरिक्त बारिश हुई है।
View this post on Instagram
What's Your Reaction?