Lucknow: गांव से ग्लोबल मंच तक: योगी सरकार की खेल नीति से यूपी के खिलाड़ियों को नई उड़ान।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेल और खिलाड़ियों के प्रति नीति अत्यंत उत्साहवर्धक है। योगी सरकार

By INA News Desk
May 16, 2026 - 21:40
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Lucknow: गांव से ग्लोबल मंच तक: योगी सरकार की खेल नीति से यूपी के खिलाड़ियों को नई उड़ान।
गांव से ग्लोबल मंच तक: योगी सरकार की खेल नीति से यूपी के खिलाड़ियों को नई उड़ान।
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  • योगी सरकार की उत्साहवर्धक खेल नीति से 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश बना खेलों की नई ताकत
  • हर गांव से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेल ढांचे का तेजी से विस्तार
  • खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी, प्रमोशन और करोड़ों के पुरस्कार का मजबूत सिस्टम
  • स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नए कॉलेजों से खेल शिक्षा को नई उड़ान
  • 'एक जनपद-एक खेल' और आधुनिक सुविधाओं से मजबूत हो रही खेल संस्कृति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेल और खिलाड़ियों के प्रति नीति अत्यंत उत्साहवर्धक है। योगी सरकार के 9 वर्षों में प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। जो उत्तर प्रदेश कभी खेल सुविधाओं की कमी से जूझता था, वही आज अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉलेज, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल ढांचे के कारण नई पहचान बना है। सरकार का फोकस केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों को युवाओं के लिए सम्मानजनक करियर बनाने पर भी है।

  • मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के प्रथम चरण का शिलान्यास किया है। लगभग 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला यह स्टेडियम प्रदेश के सबसे आधुनिक खेल परिसरों में शामिल होगा। 30 हजार दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 25 करोड़ वाले उत्तर प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। योगी सरकार का मानना है कि खेल के मैदान में जो पाठ पढ़ाए जाते हैं, उनका पाठ्य पुस्तकों में मिलना कठिन होता है। क्योंकि खेल मैदान खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प का पाठ पढ़ाते हैं। 

  • खिलाड़ियों को सीधी भर्ती और पदोन्नति में मिल रहा लाभ

वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन अब हालात तेजी से बदले हैं। योगी सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में दो प्रतिशत हॉरिजेंटल आरक्षण दिया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती और पदोन्नति का लाभ मिल रहा है। अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से यूपी पुलिस और शासन के विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जा चुकी है। जबकि 500 खिलाड़ियों के नई भर्तियां प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2021 से अब तक करीब 334 खिलाड़ियों को निरीक्षक, उप निरीक्षक और मुख्य आरक्षी पदों पर प्रमोशन भी दिया गया है।

  • इस सत्र से प्रदेश में 5 स्पोर्ट्स कॉलेजों का हो रहा संचालन

योगी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए गांव से लेकर शहर तक खेल ढांचा विकसित कर रही है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। खेल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस सत्र से दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू करने का फैसला लिया है। सहारनपुर और फतेहपुर में बने नए स्पोर्ट्स कॉलेजों का संचालन शैक्षिक सत्र 2026-27 से शुरू हो गया है। प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इसके अलावा बलिया में भी एक नए स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। 

  • प्रदेश की पहली खेल यूनिवर्सिटी का इस सत्र होगा उद्घाटन

योगी सरकार का एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मेरठ के सरधना क्षेत्र में 'मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय' अंतिम रूप ले रहा है। यह प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है। इसी सत्र उसका उद्घाटन होगा। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पहले ही शुरू कराए जा चुके हैं और इसी सत्र में इसका भव्य उद्घाटन किया जाएगा।

  • पदक विजेताओं के लिए आकर्षक पुरुस्कार राशि की व्यवस्था

उत्तर प्रदेश राज्य खेल नीति-2023 लागू कर खिलाड़ियों को नई सुविधाएं और प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। योगी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि तय की है। ओलंपिक के (एकल वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़ रुपये, रजत पदक पर चार करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। ओलंपिक गेम्स (टीम इवेंट) में स्वर्ण पदक पर तीन करोड़ रुपये, रजत पर दो करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर एक करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता को तीन करोड़, रजत पदक विजेता को डेढ़ करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 75 लाख रुपये देने की व्यवस्था है।

  • ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी 10 लाख रुपये का पुरस्कार

इसी तरह कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्वकप प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को डेढ़ करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 75 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 10-10 लाख रुपये, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार ने मेजर ध्यानचंद डिजिटल हॉकी संग्रहालय का भी उद्घाटन किया है और एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना भी की है। 

  • वाराणसी में बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

प्रदेश में 'एक जनपद एक खेल' योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों में प्रशिक्षकों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। वहीं खिलाड़ियों को खेल सामग्री और किट उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 खेलों की टीमों के 789 खिलाड़ियों को किट वितरित की गई है। वाराणसी में बीसीसीआई की मदद और पीएम मोदी की प्रेरणा से एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है। इसके साथ ही प्रदेशभर में बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, स्विमिंग पूल और जिम सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। 

  • एकलव्य क्रीड़ा कोष के अंतर्गत खिलाड़ियों को लाभान्वित करने का प्रयास

खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास हो गया है। इसके साथ ही कानपुर ग्रीन पार्क क्रिकेट स्टेडियम का आधुनिकीकरण प्रस्तावित है। अयोध्या में क्रिकेट स्टेडियम तथा आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के टैलेंट को चिन्हित कर राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एकलव्य क्रीड़ा कोष के अंतर्गत लाभान्वित करने का प्रयास जारी है, ताकि आगे जाकर वह खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीत सके।

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