नेपाल में Gen-Z आंदोलन- भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

8 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और रबर बुलेट्स

Sep 10, 2025 - 09:17
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नेपाल में Gen-Z आंदोलन- भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल में Gen-Z आंदोलन- भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ Gen-Z आंदोलन अब हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरकर संसद भवन, नेताओं के घरों और सरकारी कार्यालयों पर हमला किया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। इस अशांति के चलते भारत-नेपाल सीमा को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नेपाल की यात्रा टालने और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

नेपाल में हिंसा के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने इस्तीफा दे दिया है। काठमांडू सहित कई शहरों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है और सेना को कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। भारत ने अपने नागरिकों से सतर्कता बरतने और स्थानीय दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा है।

विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी

विदेश मंत्रालय ने 9 सितंबर 2025 को 'नेपाल के लिए एडवाइजरी' जारी की। इसमें कहा गया है कि नेपाल में मौजूदा अशांति के कारण भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हालात सामान्य होने तक वहां की यात्रा न करें। जो भारतीय नागरिक नेपाल में हैं, उन्हें अपने मौजूदा ठिकाने पर रहने, सड़कों पर न निकलने और पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने नेपाली अधिकारियों और काठमांडू में भारतीय दूतावास के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।

हेल्पलाइन नंबर:

  • +977-980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल सुविधा)

  • +977-981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल सुविधा)

  • ईमेल: helpdesk.eoiktm@gmail.com

मंत्रालय ने कहा, "हम नेपाल में हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और हिंसा में युवाओं की मौत से दुखी हैं। हम मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"

नेपाल में आंदोलन की शुरुआत

नेपाल सरकार ने 3 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार का कहना था कि ये प्लेटफॉर्म्स ने नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में पंजीकरण नहीं कराया। इस फैसले ने युवाओं में गुस्सा भड़काया, जिन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। काठमांडू से शुरू हुआ यह आंदोलन 'Gen-Z क्रांति' के नाम से नेपालगंज, वीरगंज, जनकपुर, पोखरा, बिराटनगर और चितवन तक फैल गया।

8 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया। कुछ जगहों पर गोलीबारी की खबरें भी आईं, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत और 350 से ज्यादा लोग घायल हुए।

9 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और अन्य नेताओं के घरों पर हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। नेपालगंज में कस्टम कार्यालय और पुलिस चौकियां भी जला दी गईं। इसके बाद सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही की मांग पर अड़े हैं।

भारत-नेपाल सीमा पर असर

नेपाल में हिंसा के कारण भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, बहराइच, महराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित बिहार के सात जिलों में सीमा को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। केवल वैध पहचान पत्र वालों को ही सीमा पार करने की अनुमति है।

सिद्धार्थनगर के सोनौली बॉर्डर पर सैकड़ों भारतीय पर्यटक वापस लौट रहे हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल से आए 60 वरिष्ठ नागरिकों का एक समूह काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर जाने की योजना बना रहा था, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीमा पर 24 घंटे हाई अलर्ट जारी किया है और लखनऊ में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0522-2390257, 0522-2724010, 9454401674 और व्हाट्सएप नंबर 9454401674 जारी किए गए हैं।

काठमांडू में कर्फ्यू और उड़ानें रद्द

काठमांडू में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिसके कारण एयर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने दिल्ली-काठमांडू उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया ने 11 सितंबर तक की बुकिंग के लिए एक बार रीशेड्यूलिंग शुल्क माफ करने की घोषणा की है।

नेपाल में नेताओं का इस्तीफा

हिंसा और दबाव के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को इस्तीफा सौंप दिया। ओली ने कहा कि वे "देश में असाधारण परिस्थितियों" के कारण इस्तीफा दे रहे हैं। उसी दिन राष्ट्रपति पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कृषि मंत्री राम नाथ अधिकारी ने भी सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए इस्तीफा दिया।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से दूतावास में पंजीकरण करने को कहा है। पंजीकरण के लिए वेबसाइट https://www.indembkathmandu.gov.in/register.php पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। दूतावास ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

नेपाल में हिंसा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिंता में डाल दिया है। सिद्धार्थनगर के एक व्यापारी रमेश यादव ने कहा, "नेपाल के साथ हमारा व्यापार प्रभावित हो रहा है। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के कारण ऑर्डर और भुगतान की जानकारी साझा करना मुश्किल हो गया है।" एक अन्य निवासी शांति देवी ने बताया कि उनके रिश्तेदार नेपाल में फंसे हैं और संपर्क नहीं हो पा रहा।

संयुक्त राष्ट्र ने नेपाल में हिंसा पर चिंता जताई है और सरकार व प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण बातचीत की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, "नेपाल में लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।" रूस और इजराइल ने भी अपने नागरिकों को नेपाल की यात्रा न करने की सलाह दी है।

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