Hardoi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर पलिया गांव में पथ संचलन और शस्त्र पूजन, लोगों ने की पुष्प वर्षा

कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने भारत माता, संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवल

Oct 3, 2025 - 21:44
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Hardoi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर पलिया गांव में पथ संचलन और शस्त्र पूजन, लोगों ने की पुष्प वर्षा
Hardoi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर पलिया गांव में पथ संचलन और शस्त्र पूजन, लोगों ने की पुष्प वर्षा

रिपोर्ट : अभिषेक त्रिवेदी

हरपालपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पलिया गांव में विजयदशमी के अवसर पर पथ संचलन और शस्त्र पूजन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष का हिस्सा था, जो 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में शुरू हुए संघ के एक सदी लंबे सफर को समर्पित है। पूरे देश में इस वर्ष ऐसे कार्यक्रमों का दौर चल रहा है, जहां स्वयंसेवक संघ के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प ले रहे हैं। पलिया गांव में देर शाम शुरू हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवक शामिल हुए, जिन्होंने अनुशासन और उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने भारत माता, संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक प्रार्थना की, जिसमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और हिंदू समाज के उत्थान के लिए प्रार्थना की गई। प्रार्थना के बाद शस्त्र पूजन का अनुष्ठान किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पारंपरिक शस्त्रों का पूजन कर संघ के सैन्यी भाव को मजबूत किया। शस्त्र पूजन संघ की वार्षिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो स्वयंसेवकों को अनुशासन, साहस और राष्ट्र रक्षा के प्रति समर्पण सिखाता है।

शस्त्र पूजन के समापन के बाद स्वयंसेवकों ने संघ के बाजे के साथ पथ संचलन शुरू किया। यह संचलन पलिया के दुर्गा देवी मंदिर से प्रारंभ हुआ और गांव के प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए वापस उसी मंदिर के प्रांगण पर समाप्त हुआ। मार्ग में पलिया चौराहा, पलिया तिराहा, डॉक्टर बादाम वाली गली, पोस्ट ऑफिस गली और प्राइमरी पाठशाला गली जैसे इलाकों से संचलन गुजरा। स्वयंसेवक खाकी हाफ पैंट, सफेद शर्ट और टोपी पहनकर अनुशासित कदमों के साथ आगे बढ़े। संचलन के दौरान संघ के नारे जैसे "भारत माता की जय" और "हिंदू राष्ट्र की जय" गूंजते रहे।संचलन के दौरान गांव के कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने स्वयंसेवकों का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने पुष्प वर्षा कर उत्साह बढ़ाया और मिठाई बांटकर सम्मान प्रदान किया। एक बुजुर्ग निवासी ने बताया कि यह संचलन देखकर गांव में उत्साह का माहौल बन गया और युवाओं को संघ के कार्यों से जोड़ने का अच्छा अवसर मिला। महिलाओं और बच्चों ने भी बालकनियों से तालियां बजाकर स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया। इस तरह का स्वागत संघ के सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है, जहां संगठन केवल स्वयंसेवकों तक सीमित नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में संघ के प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें जिला सह संघ चालक तेजेंद्र सिंह, खंड संघ चालक श्रीश, सह जिला कार्यवाह रामप्रताप, खंड कार्यवाह कृष्ण प्रताप, अनुराग श्रीवास्तव, गौरव मिश्रा, अनुज, वीरेंद्र श्रीपति अग्निहोत्री, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, रूपेश सिंह, नीरज और राकेश मिश्रा शामिल थे। तेजेंद्र सिंह ने संचलन के बाद संबोधित करते हुए कहा कि संघ के 100 वर्ष हिंदू समाज को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण में समर्पित रहे हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे शताब्दी वर्ष में और अधिक सक्रिय होकर समाज में सेवा कार्य करें। श्रीश ने बताया कि यह आयोजन पूरे जिले में चल रहे शताब्दी कार्यक्रमों का हिस्सा है, जहां हर शाखा स्तर पर ऐसे उत्सव हो रहे हैं।

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