Hardoi : पुलिस अधीक्षक ने सम्मानित किए 10 उत्कृष्ट बीट आरक्षी, बीट पुस्तिका और टास्क ऑर्डर के पालन के लिए मिला प्रशस्ति पत्र
बीट आरक्षी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, जो अपने क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग का आधार बनाते हैं। हरदोई जैसे जिले में, जहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपरा
Hardoi : जिले में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने 10 जुलाई 2025 को पुलिस कार्यालय में एक विशेष समारोह आयोजित किया। इस दौरान जिले के पश्चिमी जोन के 12 थाना क्षेत्रों से बुलाए गए बीट आरक्षियों की बीट पुस्तिका की समीक्षा की गई। समीक्षा में 10 बीट आरक्षियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और टास्क ऑर्डर के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह कदम हरदोई पुलिस की जमीनी स्तर पर सक्रियता और बीट आरक्षियों की मेहनत को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
10 जुलाई 2025 को हरदोई पुलिस कार्यालय में आयोजित इस समारोह में पुलिस अधीक्षक ने पश्चिमी जोन के सभी 12 थाना क्षेत्रों से एक-एक बीट आरक्षी को बुलाया था। इस बैठक का उद्देश्य बीट आरक्षियों के कार्यों की समीक्षा करना और उनकी बीट पुस्तिका में दर्ज गतिविधियों का मूल्यांकन करना था। बीट पुस्तिका में आरक्षी अपने क्षेत्र की गश्त, अपराध नियंत्रण, जनता के साथ संवाद, और अन्य गतिविधियों का विवरण दर्ज करते हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस पुस्तिका की गहन जांच की और पाया कि 10 आरक्षियों ने टास्क ऑर्डर के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। इन आरक्षियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस समारोह का मकसद न केवल बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करना था, बल्कि अन्य आरक्षियों को भी अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनाने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर सभी बीट आरक्षियों को उनके क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बीट आरक्षी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ होते हैं, जो अपने क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग का आधार बनाते हैं। हरदोई जैसे जिले में, जहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपराध की चुनौतियाँ अलग-अलग हैं, बीट आरक्षियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ये आरक्षी नियमित गश्त करते हैं, स्थानीय लोगों से सूचनाएँ एकत्र करते हैं, और छोटे-मोटे विवादों को सुलझाने में मदद करते हैं। साथ ही, वे गंभीर अपराधों की जानकारी को समय पर थाना प्रभारी तक पहुंचाते हैं, जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके।
हरदोई में हाल के समय में बीट आरक्षियों की सक्रियता के कई उदाहरण सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 9 जुलाई 2025 को बिलग्राम पुलिस ने चोरी के सामान के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था, जिसमें बीट आरक्षियों की सूचनाएँ महत्वपूर्ण थीं। इसी तरह, 7 जुलाई 2025 को कछौना पुलिस ने एक सट्टेबाजी के मामले में त्वरित कार्रवाई की थी, जिसके लिए बीट आरक्षियों की जानकारी और गश्त ने अहम भूमिका निभाई थी। इन उपलब्धियों में बीट आरक्षियों की मेहनत और उनके द्वारा बनाए गए विश्वास ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश
सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बीट आरक्षियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए, ताकि उनकी कार्यप्रणाली को और बेहतर किया जा सके:
- बीट पुस्तिका का नियमित अद्यतन: बीट आरक्षियों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी बीट पुस्तिका को नियमित रूप से अपडेट करें और उसमें अपनी गश्त, जनता के साथ मुलाकात, और अपराध से संबंधित सभी गतिविधियों का सटीक विवरण दर्ज करें।
- गश्त में सक्रियता: आरक्षियों को अपने क्षेत्र में नियमित गश्त करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया। विशेष रूप से रात के समय गश्त को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
- जनता के साथ संवाद: पुलिस अधीक्षक ने बीट आरक्षियों को स्थानीय लोगों के साथ दोस्ताना और सहयोगपूर्ण व्यवहार करने की सलाह दी, ताकि लोग अपनी समस्याएँ खुलकर बता सकें।
- अपराध नियंत्रण में योगदान: बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्र में छोटे-मोटे विवादों को समय पर सुलझाने और गंभीर अपराधों की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- डिजिटल उपकरणों का उपयोग: आरक्षियों को यूपी पुलिस की मोबाइल ऐप और डायल-112 जैसे डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।
हरदोई में पुलिसिंग की स्थिति हरदोई जिला, जो लखनऊ मंडल का हिस्सा है, अपनी सामाजिक और आर्थिक संरचना के कारण पुलिसिंग के लिए कई चुनौतियाँ पेश करता है। जिले की जनसंख्या लगभग 41 लाख है, और यहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपराध की प्रकृति अलग-अलग है। हाल के समय में जिले में चोरी, लूट, और पारिवारिक विवादों की घटनाएँ बढ़ी हैं।
उदाहरण के लिए, 7 जुलाई 2025 को कोतवाली शहर में एक कार बिक्री से जुड़े वित्तीय विवाद को पुलिस ने काउंसलिंग के जरिए सुलझाया था। इसी तरह, 8 जुलाई 2025 को कोतवाली शहर में एक पारिवारिक विवाद को भी पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से हल किया था।
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