मालदीव को भारत की मदद ने बचाया: नशीद ने कहा- ' भारत ने दिवालिया होने से बचाया', पीएम मोदी की यात्रा से रिश्ते मजबूत होंगे।
Political News: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने 23 जुलाई 2025 को कहा कि अगर भारत ने समय पर आर्थिक मदद न की होती, तो मालदीव कर्ज ...
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने 23 जुलाई 2025 को कहा कि अगर भारत ने समय पर आर्थिक मदद न की होती, तो मालदीव कर्ज न चुका पाने की स्थिति में पहुंच जाता और उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाती। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25-26 जुलाई 2025 को मालदीव यात्रा से पहले आया है। नशीद ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि उसकी मदद ने मालदीव को आर्थिक संकट से उबारा। पीएम मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी।
भारत और मालदीव के बीच दशकों से गहरे संबंध रहे हैं। भारत ने मालदीव को कई बार संकट में मदद की है, जैसे 2004 की सुनामी, 2014 के जल संकट, और कोविड-19 महामारी के दौरान। 2014 में माले के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आग लगने पर भारत ने 'ऑपरेशन नीर' के तहत कुछ घंटों में 374 टन पानी भेजा और बाद में 2,000 टन पानी जहाजों से पहुंचाया। हाल के वर्षों में मालदीव की 'इंडिया फर्स्ट' नीति रही है, लेकिन राष्ट्रपति मुइज्जू के 2023 में सत्ता में आने के बाद उनके 'इंडिया आउट' नारे और चीन के साथ नजदीकी से रिश्तों में तनाव आया। अब मुइज्जू ने रुख बदला है और भारत के साथ सहयोग बढ़ा रहे हैं।
- नशीद का बयान और आर्थिक मदद
मोहम्मद नशीद ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "मालदीव की बढ़ती वित्तीय मुश्किलों और भारी कर्ज के बीच भारत की समय पर मदद ने हमें डिफॉल्ट से बचाया। यह आर्थिक साझेदारी विश्वास और क्षेत्रीय एकता पर आधारित है।" उन्होंने यह भी कहा कि मालदीव की राजनीति अब पूरी तरह 'इंडिया फर्स्ट' नीति की ओर बढ़ रही है। भारत ने 2025 में मालदीव को 50 मिलियन डॉलर का ट्रेजरी बिल रोलओवर और 400 मिलियन डॉलर का मुद्रा स्वैप समझौता किया। इसके अलावा, 600 करोड़ रुपये की विकास सहायता और जरूरी सामान के निर्यात के लिए विशेष कोटा बढ़ाया गया।
नशीद ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी की यात्रा से भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जो मालदीव की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। 2024 में मालदीव के मंत्रियों की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणियों के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या घटी थी, जिससे अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ।
- पीएम मोदी की मालदीव यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 जुलाई 2025 को मालदीव जाएंगे। यह उनकी तीसरी मालदीव यात्रा है और मुइज्जू के कार्यकाल में किसी विदेशी नेता की पहली राजकीय यात्रा है। वह 26 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे, जो 1965 में ब्रिटिश शासन से आजादी की याद दिलाता है। इस दौरान माले में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और झंडा फहराने का आयोजन होगा।
मोदी मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें आर्थिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता पर चर्चा होगी। दोनों नेता भारत द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं, जैसे थिलामले ब्रिज (60% पूरा) और हनीमाडू हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। भारत ने इनके लिए 100 मिलियन डॉलर का अनुदान और 400 मिलियन डॉलर का रियायती ऋण दिया है।
मोदी की यात्रा से पहले मालदीव में कुछ विरोध भी हुआ। मुइज्जू के साले और धार्मिक संगठन सलफ जमीयत के नेता अब्दुल्ला बिन मोहम्मद इब्राहिम ने मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, लेकिन बाद में पोस्ट हटा दी। मालदीव सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
मालदीव हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। भारत ने हमेशा मालदीव को पड़ोसी पहले नीति के तहत प्राथमिकता दी है। नशीद ने कहा, "भारत के बिना मालदीव तरक्की नहीं कर सकता।" मालदीव की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है, और भारतीय पर्यटक इसका बड़ा हिस्सा हैं। मुइज्जू अब भारत की अहमियत समझ रहे हैं, क्योंकि चीन से अपेक्षित मदद नहीं मिली।
भारत ने मालदीव को 56 सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए फंड दिया, जिनमें से 14 पूरी हो चुकी हैं। यह सहयोग मालदीव के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखता है। मुइज्जू ने अक्टूबर 2024 में भारत दौरे पर स्वीकार किया कि भारत की मदद ने उनके देश को संकट से बचाया।
मोहम्मद नशीद का बयान और पीएम मोदी की यात्रा भारत-मालदीव संबंधों में नई गर्मजोशी का प्रतीक है। भारत की समय पर मदद ने मालदीव को आर्थिक संकट से उबारा, और अब दोनों देश सहयोग बढ़ा रहे हैं। यह यात्रा न केवल आर्थिक, बल्कि रणनीतिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करेगी। मालदीव की प्रगति में भारत का योगदान दोनों देशों के बीच विश्वास और दोस्ती को और गहरा करता है।
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