Lucknow: 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस: विशेष पुनरीक्षण में जन्मतिथि/जन्मस्थान प्रमाणित करने होंगे सबूत। 

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान

Feb 4, 2026 - 18:59
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Lucknow: 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस: विशेष पुनरीक्षण में जन्मतिथि/जन्मस्थान प्रमाणित करने होंगे सबूत। 
1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस: विशेष पुनरीक्षण में जन्मतिथि/जन्मस्थान प्रमाणित करने होंगे सबूत। 

लखनऊ: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पिछले एसआईआर 2003 से मैपिंग न होने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित जन्मतिथि और / या जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

यदि आवेदक का जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है तो निर्धारित 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि और / या जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराना होगा। इसी प्रकार यदि आवेदक का जन्म 01.07.1987 और 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है तो निर्धारित 13 में से कोई एक अभिलेख जन्म तिथि और / या जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही पिता या माता का जन्मतिथि और/या जन्म स्थान के प्रमाण का अभिलेख भी उपलब्ध कराना होगा। यदि आवेदक का जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है तो निर्धारित 13 में से कोई एक अभिलेख स्वयं की जन्मतिथि और / या जन्म स्थान के प्रमाण के लिए उपलब्ध कराने के साथ ही पिता एवं माता, दोनों के जन्मतिथि और / या जन्म स्थान के प्रमाण के अभिलेखों को उपलब्ध कराना होगा।

इसके अतिरिक्त, तार्किक विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन मतदाताओं को केवल संबंधी से सम्बन्धित अभिलेख प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।

श्री रिणवा ने बताया कि अब तक 1.69 करोड़ से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 79 लाख से अधिक नोटिस बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा मतदाताओं को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही, अब तक लगभग 22 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई संपन्न हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मतदाता सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं।

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