Pilibhit News: राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर जल शक्ति मंत्रालय भारत की टीम गोमती उद्गम स्थल का करेंगी  बारीकी से अध्ययन। 

लखनऊ की लाइफ लाइन अवध की शान आदि गंगा माँ गोमती उद्गम तीर्थ माधोटांडा के सौन्दर्यीकरण नदी के पुनरुद्धार,जल संरक्षण और पर्यटन ....

Apr 2, 2025 - 12:08
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Pilibhit News: राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर जल शक्ति मंत्रालय भारत की टीम गोमती उद्गम स्थल का करेंगी  बारीकी से अध्ययन। 

रिपोर्ट- कुँवर निर्भय सिंह 

  • गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा के सौंदर्यीकरण पुनरुद्धार जल संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए पीलीभीत के सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से किया पत्राचार

पीलीभीत। लखनऊ की लाइफ लाइन अवध की शान आदि गंगा माँ गोमती उद्गम तीर्थ माधोटांडा के सौन्दर्यीकरण नदी के पुनरुद्धार,जल संरक्षण और पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए पीलीभीत के सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखकर भेजा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के निर्देश पर जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के एस आर आर एक्सपर्ट एवं सर्पोट इन्जीनियर दो दिन गोमती का बारीकी से अध्ययन कर ढूंढेंगे गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा को विकसित करने की संभावनाएं। गोमती भक्तों को जागी आस।

लखनऊ की लाइफ लाइन अवध की शान आदि गंगा माँ गोमती नदी का उद्गम तीर्थ स्थल जनपद पीलीभीत के माधोटांडा गांव के गाटा संख्या 980 गोमत सरोवर जिसे फुल्हर झील भी कहा जाता है से हुआ है। गोमती नदी गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी हैऔर प्रदेश के लाखों लोगों की जीवन रेखा है गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए गोमती भक्त कई वर्षों से प्रयास कर रहे हैं उद्गम तीर्थ स्थल को विकसित कराने के लिए इसके लिए शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं इसी क्रम में गोमती भक्तों ने जब सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से गोमती नदी  एवं उद्गम तीर्थ स्थल का दुखड़ा सुनाया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए  भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल को गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा को विकसित कराने के लिए पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधोटांडा गांव में गोमती उद्गम स्थल है जहां से गोमती उद्गमित होती है गोमती गंगा की एक प्रमुख सहायक नदी है और प्रदेश के लाखों लोगों की जीवन रेखा है।यह स्थल केवल धार्मिक और एतिहासिक से ही महत्वपूर्ण नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से इसका महत्व है। वर्तमान में यहां स्वच्छता हरियाली,जल संरक्षण उपायों और पर्यटन सुविधाओं का अभाव है यदि इस स्थल का समुचित सौन्दर्यीकरण, पुनरुद्धार एवं संरक्षण किया जाये तो पर्यटक और श्रद्धालुओं के लिए एक आकर्षण केन्द्र बन सकता है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  गोमती उद्गम स्थल के सौंदर्य करण, पुनरुद्धार जल संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें जिससे यह स्थल प्रदेश और जिले को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में उभर सकें।

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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने गंगा की सहायक नदी गोमती के  पुनरुद्धार एवं गोमती उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा को पर्यटन के रूप में विकसित कराने की संभावनाओं को ढूंढने के लिए  जल शक्ति मंत्रालय  की दो सदस्यीय टीम के रूप में एस आर आर एक्सपर्ट हरीश कुमार महावर और सपोर्ट इंजीनियर पंकज रावत को जनपद में गोमती नदी के उद्गम स्थल माधोटांडा का  बारीकी से अध्ययन कर उद्गम तीर्थ स्थल पर जल संरक्षण, गोमती नदी के पुनरुद्धार, पर्यटन के रूप विकसित करने और पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को समुचित सुविधाएं मिल सकें इसके लिए भेजा।जल शक्ति मंत्रालय की नेशनल मिशन क्लीन गंगा की विशेष टीम यहां तीन  से पांच मार्च तक   अध्ययन करेंगी। सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद की इस पहल से गोमती भक्तों में गोमती नदी एवं उद्गम तीर्थ स्थल माधोटांडा के पुनरुद्धार एकबार फिर आशा जाग गई।

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