Sambhal : अवैध अस्पतालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, ऑपरेशन थिएटर सील, फर्जी क्लीनिक बंद
निरीक्षण के दौरान ग्राम खासपुर में स्थित संजीव हॉस्पिटल की जांच की गई। मौके पर अस्पताल मालिक संजीव मौजूद मिले। अस्पताल में एक महिला मरीज भर्ती पाई गई, जिस
Report : उवैस दानिश, सम्भल
जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार द्वारा असमोली ब्लॉक के विभिन्न गांवों में संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध संचालन पर रोक लगा दी।
निरीक्षण के दौरान ग्राम खासपुर में स्थित संजीव हॉस्पिटल की जांच की गई। मौके पर अस्पताल मालिक संजीव मौजूद मिले। अस्पताल में एक महिला मरीज भर्ती पाई गई, जिसका हाल ही में ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया था। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में मरीज के अलावा कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। अस्पताल मालिक ने बताया कि डॉक्टर मुरादाबाद गए हुए हैं। अभिलेख मांगने पर अस्पताल का पंजीकरण तो दिखाया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी से जानकारी लेने पर स्पष्ट हुआ कि अस्पताल को ऑपरेशन थिएटर (OT) संचालित करने की कोई अनुमति नहीं है।
इस पर तत्काल प्रभाव से ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल संचालक को साफ-सफाई और योग्य स्टाफ की नियुक्ति के निर्देश दिए गए। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट द्वारा ग्राम बेला में स्थित वारसी हेल्थ केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया। यह केंद्र एक पुराने बंद पड़े पेट्रोल पंप के ऑफिस में संचालित पाया गया।
निरीक्षण के समय वहां कोई मौजूद नहीं था और गेट बाहर से बंद कर दिया गया था। पीछे के हॉल में कई बेड और एक केबिन में बच्चों का NICU पाया गया, जिससे प्रथम दृष्टया अवैध अस्पताल संचालन की पुष्टि हुई। बाद में पहुंचे तथाकथित डॉक्टर अंसार वारसी से जब योग्यता और अस्पताल से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद निजी सामान वाले एक कमरे को छोड़कर शेष सभी कमरों को सील कर दिया गया और नोडल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि सूचना के आधार पर असमोली क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई है। जहां भी बिना पंजीकरण, बिना अनुमति या बिना अधिकृत डॉक्टर के अस्पताल संचालित पाए जाएंगे, वहां सीजर और सील की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि एक बार सील होने के बाद न्यायालय के आदेश के बिना कोई भी अस्पताल दोबारा नहीं खोला जा सकता। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और फर्जी क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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