Sambhal : सम्भल में गूंजा जयकारा: परशुराम प्राकट्य उत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, आस्था में डूबा शहर
महंत दीनानाथ ने इस अवसर को सनातन हिंदू धर्म का अत्यंत पावन और दिव्य दिन बताते हुए कहा कि आज के दिन किया गया हर पुण्य कर्म “अक्षय फल” देने वाला होता है, जिसका कभी क्षय नहीं होता। उन्होंने भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का अवतार बताते हुए कहा कि
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में भगवान परशुराम जी के प्राकट्य उत्सव पर रविवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेमनाथ तीर्थ के पुजारी महंत बाल योगी दीनानाथ के नेतृत्व में पक्काबाग मंदिर से पातालेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।
महंत दीनानाथ ने इस अवसर को सनातन हिंदू धर्म का अत्यंत पावन और दिव्य दिन बताते हुए कहा कि आज के दिन किया गया हर पुण्य कर्म “अक्षय फल” देने वाला होता है, जिसका कभी क्षय नहीं होता।
उन्होंने भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का अवतार बताते हुए कहा कि इस दिन उनका नाम स्मरण और जप करने से विशेष सिद्धि प्राप्त होती है और भगवान नारायण सभी का कल्याण करते हैं। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
“जय परशुराम” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। यात्रा के दौरान भक्तों ने फूलों की वर्षा की और जगह-जगह स्वागत किया गया। धार्मिक झांकियां और भजन-कीर्तन ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
महंत दीनानाथ ने कहा कि यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि पूरे सम्भल नगर को पवित्र करने वाली भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा में शामिल होने और भगवान का स्मरण करने से लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी और उनके कार्य सिद्ध होंगे।
इस दौरान प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
कुल मिलाकर, परशुराम जयंती पर सम्भल में निकली यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और परंपरा का भव्य उदाहरण बनकर उभरी।
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