हरदोई में किशोर ने की आत्महत्या- पड़ोसी गांव के दबंगों पर मारपीट और धमकी का आरोप, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
परिवार के अनुसार, रविवार को सूरज अपने दोस्तों आकाश और सुरजीत के साथ बाढ़ के पानी में नहा रहा था। इस दौरान पड़ोसी गांव भुसेहरा के कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई। सूरज डरकर अपने घ
Report : अभिषेक त्रिवेदी
हरदोई के हरपालपुर थाना क्षेत्र के मलौथा गांव में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 15 वर्षीय किशोर सूरज कुशवाहा, जो किशनपाल कुशवाहा का बेटा था, का शव सोमवार सुबह गांव के ही विनय श्रीवास्तव के खेत में नीम के पेड़ से लटकता हुआ मिला। परिवार वालों ने पड़ोसी गांव भुसेहरा के कुछ दबंग युवकों पर सूरज को मारपीट कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। साथ ही, उन्होंने हरपालपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार गौतम पर इस मामले में समय पर कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने हरपालपुर-बड़ागांव मार्ग पर जाम लगा दिया और उच्च अधिकारियों के मौके पर पहुंचने तक जाम न हटाने की बात कही।
परिवार के अनुसार, रविवार को सूरज अपने दोस्तों आकाश और सुरजीत के साथ बाढ़ के पानी में नहा रहा था। इस दौरान पड़ोसी गांव भुसेहरा के कुछ युवकों से उसकी कहासुनी हो गई। सूरज डरकर अपने घर भाग आया, लेकिन आरोप है कि दबंग युवकों ने उसका पीछा किया और घर पहुंचकर उस पर दरांती और चाकू से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर सूरज को बचा लिया, लेकिन हमलावरों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। परिजनों ने बताया कि इस घटना की शिकायत उसी दिन हरपालपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण दबंगों का हौसला बढ़ा और उन्होंने सूरज को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूरज का शव नीम के पेड़ से लटकता देखकर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। परिवार का आरोप है कि भुसेहरा गांव के कुछ दबंग युवकों ने रंजिश के चलते सूरज को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि सूरज डर के मारे घर से बाहर निकलने में भी घबरा रहा था। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हरपालपुर-बड़ागांव मार्ग पर जाम लगाने वाले परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार गौतम ने शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे दबंगों को खुला मौका मिला। जाम के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी की और मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पुलिस की जवाबदेही तय की जाए। समाचार लिखे जाने तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, और जाम जारी था।
हरदोई पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, और प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि, परिवार के आरोपों के आधार पर भुसेहरा गांव के संदिग्धों की जांच की जा रही है।
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