जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत और 11 घायल होने से दुखद घटना। 

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक दुखद हादसा हुआ जब भारतीय सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया

Jan 22, 2026 - 16:48
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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत और 11 घायल होने से दुखद घटना। 
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत और 11 घायल होने से दुखद घटना। 
  • डोडा के भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुआ हादसा, सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में सवार थे 21 जवान, चालक ने खोया नियंत्रण
  • भारतीय सेना के जवानों की जान जाने वाली दुखद दुर्घटना डोडा में, ऊंचाई वाली चौकी की ओर जा रहे वाहन की खाई में गिरने से बड़ा नुकसान

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक दुखद हादसा हुआ जब भारतीय सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। यह घटना भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास दोपहर के समय हुई। अधिकारियों के अनुसार, वाहन में कुल 21 जवान सवार थे जो एक ऊंचाई पर स्थित चौकी की ओर जा रहे थे। चालक के नियंत्रण खो देने के कारण वाहन लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भेजा गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की वजह से इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और सेना के उच्च अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। वाहन कैस्पिर प्रकार का था जो ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। खराब मौसम और दुर्गम इलाके के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां आईं लेकिन सेना की टीमों ने तेजी से कार्रवाई की। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी घायलों को उधमपुर के कमांड अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों के सामने आने वाली चुनौतियों को फिर से उजागर किया है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं जहां वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई जब वाहन ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजर रहा था। खन्नी टॉप इलाका लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहां का रास्ता बेहद संकड़ा और खतरनाक है। वाहन में सवार जवान ऑपरेशनल कार्य के लिए जा रहे थे जब चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया। खाई में गिरने के बाद वाहन कई बार पलटा जिससे जवानों को गंभीर चोटें आईं। बचाव कार्य में सेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया ताकि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, 10 जवानों की मौत की पुष्टि मौके पर ही हो गई जबकि बाकी 11 को बचाया गया। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। घटनास्थल पर मलबा और वाहन के टुकड़े बिखरे पड़े थे जिसे हटाने का काम जारी रहा। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच दल ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इलाके के स्थानीय लोगों ने भी बचाव में सहयोग किया लेकिन खराब मौसम ने कार्य को मुश्किल बना दिया।

डोडा जिला जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में आता है जहां सड़कें अक्सर संकड़ी और जोखिम भरी होती हैं। इस मार्ग पर वाहनों का चलना मौसम पर निर्भर करता है और बारिश या कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय मौसम खराब था जिसने दुर्घटना में योगदान दिया हो सकता है। वाहन कैस्पिर मॉडल का था जो सेना द्वारा दुर्गम इलाकों में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 21 जवान सवार थे जिनमें से अधिकांश युवा रैंक के थे। दुर्घटना के बाद सेना ने तुरंत अलर्ट जारी किया और अतिरिक्त टीमें भेजीं। घायलों को निकालने के लिए रस्सियों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया क्योंकि खाई काफी गहरी थी। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी मृत जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है और उन्हें सम्मानजनक तरीके से उनके गृह क्षेत्रों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। घटना की सूचना मिलते ही उच्च स्तर पर समीक्षा की गई और बचाव कार्य की निगरानी की गई। सेना के कमांड अस्पताल में घायलों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। जांच में वाहन की तकनीकी स्थिति, सड़क की हालत और मौसम के प्रभाव को देखा जाएगा। इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं जहां वे लगातार ड्यूटी पर रहते हैं।

इस हादसे ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि भद्रवाह-चंबा मार्ग अंतरराज्यीय है और यहां से गुजरने वाले वाहनों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। वाहन के गिरने के बाद मौके पर पहुंची टीमों ने घंटों तक कार्य किया ताकि सभी को निकाला जा सके। 10 जवानों की मौत से सेना में शोक की लहर दौड़ गई है। घायलों में से कुछ को उधमपुर कमांड अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया जहां उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा प्रदान की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जाएगी जिसमें वाहन चालक की भूमिका, सड़क की स्थिति और मौसम संबंधी कारक शामिल होंगे। घटनास्थल पर सेना की अतिरिक्त इकाइयां तैनात की गईं ताकि कोई अन्य समस्या न हो। इस मार्ग पर पहले भी छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन इतनी बड़ी घटना दुर्लभ है। सेना ने सभी जवानों के परिवारों को सूचित कर दिया है और आवश्यक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के कदम तय किए जाएंगे ताकि भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

घटना के बाद सेना ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि वाहन ऑपरेशनल कार्य के लिए जा रहा था। खन्नी टॉप के पास का इलाका दुर्गम है और यहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन में सवार सभी जवान ड्यूटी पर थे जब यह हादसा हुआ। बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग मिला जिससे घायलों को समय पर मदद पहुंचाई जा सकी। 11 घायलों में से कुछ की हालत स्थिर है जबकि अन्य गंभीर हैं। सेना के हेलीकॉप्टरों ने घायलों को एयरलिफ्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटनास्थल पर मलबे को हटाने का काम पूरा किया गया और सड़क को फिर से खोल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं से सबक लेकर सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। जांच दल ने चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आए। सेना ने मृत जवानों को श्रद्धांजलि दी है और उनके योगदान को याद किया है।

इस दुर्घटना ने क्षेत्र में सड़क यातायात की चुनौतियों को सामने लाया है जहां मौसम अक्सर बिगड़ जाता है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन की गति और नियंत्रण खोने के कारणों की जांच की जा रही है। वाहन कैस्पिर प्रकार का था जो मजबूत होता है लेकिन दुर्गम रास्तों पर जोखिम रहता है। घटना के समय इलाके में कोहरा या हल्की बारिश हो सकती थी जिसने दुर्घटना को बढ़ावा दिया। बचाव टीमों ने रात होने से पहले सभी कार्य पूरा कर लिया। घायलों का इलाज कमांड अस्पताल में चल रहा है जहां वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम तैनात है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। जांच में यदि कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और सभी प्रभावितों को सहायता प्रदान की जा रही है। घटनास्थल की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वाहन में सवार जवानों की संख्या 21 थी जिसमें से 10 की मौत हो गई। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा दी जा रही है। इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में सावधानियां बढ़ाई जाएंगी।

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