Varanasi News: वाराणसी में गर्मी, लू और बाढ़ से बचाव के लिए DM का सख्त निर्देश, पशुओं-पक्षियों के लिए तालाब भरें, पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करें

जिलाधिकारी के इन निर्देशों का उद्देश्य न केवल मानव जीवन को गर्मी और बाढ़ के खतरों से बचाना है, बल्कि पशुओं और पक्षियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है। ता....

May 22, 2025 - 22:38
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Varanasi News: वाराणसी में गर्मी, लू और बाढ़ से बचाव के लिए DM का सख्त निर्देश, पशुओं-पक्षियों के लिए तालाब भरें, पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करें

By INA News Varanasi.

वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गर्मी, लू, और आगामी बाढ़ के मौसम को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, और गर्मी से बचाव के लिए व्यापक तैयारियों के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पशुओं, पक्षियों, और आमजन की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने सभी तालाबों और पोखरों को पशुओं व पक्षियों के लिए पानी से भरने, खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक करने, और पर्यटक स्थलों व भीड़भाड़ वाली जगहों पर छाया व पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख निर्देश और तैयारियां

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बैठक में निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  1. पेयजल की उपलब्धता:
    • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
    • सभी खराब हैंडपंपों को तत्काल रिबोर कराया जाए। यदि किसी ग्राम पंचायत में हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट होता है, तो संबंधित ग्राम सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    • पर्यटक स्थलों, मंदिरों, कार्यालयों, और स्कूलों जैसे प्रमुख स्थानों पर प्याऊ (पेयजल स्टेशन) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  2. गर्मी और लू से बचाव:
    • भीड़भाड़ वाले स्थानों और मंदिरों पर पर्याप्त छाया और पेयजल की व्यवस्था की जाए।
    • आमजन को लू से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
    • सभी गोशालाओं में छाया, ग्रीन नेट, और पर्याप्त पानी व हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  3. पशुओं और पक्षियों के लिए विशेष प्रबंध:
    • पशुओं और पक्षियों के लिए सभी तालाबों और पोखरों को पानी से भरने के निर्देश दिए गए, ताकि गर्मी में उनकी पानी की आवश्यकता पूरी हो।
    • गोशालाओं का अगले दो दिनों में निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।
  4. बाढ़ की तैयारियां:
    • आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक सामग्रियों के टेंडर और अन्य तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली जाएं।

जिलाधिकारी के इन निर्देशों का उद्देश्य न केवल मानव जीवन को गर्मी और बाढ़ के खतरों से बचाना है, बल्कि पशुओं और पक्षियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है। तालाबों और पोखरों को भरने का निर्णय न केवल पशु-पक्षियों की प्यास बुझाएगा, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करेगा। इसके साथ ही, पेयजल और छाया की व्यवस्था से वाराणसी के निवासियों और पर्यटकों को गर्मी के प्रकोप से राहत मिलेगी।

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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक ने गर्मी, लू, और बाढ़ से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। पशुओं और पक्षियों के लिए तालाबों को भरने, गोशालाओं में सुविधाएं बढ़ाने, और पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे कदम वाराणसी को एक सुरक्षित और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। यह पहल न केवल आपदा प्रबंधन को मजबूत करेगी, बल्कि पर्यावरण और सामुदायिक कल्याण को भी बढ़ावा देगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) बंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति), सभी उपजिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, और नगर निगम के अधिकारी शामिल रहे।

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